
US के 'सस्ते जुगाड़' की निकली हवा! तेहरान ने किया मार गिराने का दावा
AajTak
ईरान ने अमेरिकी सेना के लुकास वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जिसे ईरान के शाहेद ड्रोन के समान बताया जा रहा है. शाहेद ड्रोन कम लागत और उच्च मारक क्षमता के लिए जाने जाते हैं. ईरान ने अब तक कुल 131 विदेशी ड्रोन गिराने का दावा किया है.
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सेना के एक 'लुकास' (LUCAS) वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया है. दिलचस्प बात ये है कि 'लुकास' ड्रोन मॉडल को ईरान के अपने 'शाहेद' ड्रोन के समान बताया जा रहा है. शाहेद ड्रोन अपनी कम लागत और घातक मारक क्षमता के लिए जाने जाते हैं.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स न्यूज' ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें क्षतिग्रस्त अमेरिकी ड्रोन को दिखाया गया है. ईरान लगातार अमेरिकी और अन्य विदेशी ड्रोनों को निशाना बना रहा है और ये इंटपसेप्शन भी उसी का हिस्सा है.
ईरान का कहना है कि इस कार्रवाई के साथ ही अब तक गिराए गए ड्रोनों की कुल संख्या 131 तक पहुंच गई है.
शाहेद-136 ड्रोन लगभग 3.5 मीटर लंबा और 2.5 मीटर चौड़ा होता है। इसका वजन करीब 200 किलोग्राम है। इसका खास 'तिकोना' (Delta Wing) डिजाइन इसे हवा में उड़ते समय काफी स्थिर रखता है।
कैसे काम करता है शाहेद ड्रोन?
शाहेद ड्रोन में पीछे की तरफ एक छोटा पिस्टन इंजन लगा होता है, जिसे 'पुशर प्रोपेलर' कहते हैं. इसकी अधिकतम रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटा है. ये एक बार में 2000 से 2500 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकाने तक पहुंच सकता है. इस ड्रोन में 30 से 50 किलोग्राम तक का शक्तिशाली विस्फोटक लगा होता है, जो टकराते ही बड़ा धमाका करता है.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.







