
'तुमने ही तो कहा था...', ट्रंप ने बता दिया किसने दिया था ईरान पर हमले का आइडिया
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के पीछे की असली वजह का खुलासा किया है. ट्रंप ने अपने मंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की और कहा कि अमेरिका को इस समस्या को खत्म करना होगा. उन्होंने बताया कि अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी ने उन्हें युद्ध शुरू करने की सलाह दी थी.
ईरान पर हमला करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. इजरायल के साथ मिलकर ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई बड़े नेताओं को मार दिया. पहले कहा जा रहा था कि ईरान पर हमले के लिए ट्रंप को बेंजामिन नेतन्याहू ने उकसाया है. लेकिन अब ट्रंप ने खुद बता दिया है कि उन्हें युद्ध शुरू करने का हौसला किसने दिया.
ट्रंप ने मीडिया के सामने बताया कि अमेरिकी वॉर सेक्रेटर पीट हेगसेथ ही वो पहले शख्स हैं, जिन्होंने उन्हें युद्ध शुरू करने की सलाह दी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने अपने दिग्गज मंत्रियों के सामने ईरान को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी.
ट्रंप ने कहा, मैंने पीट को फोन किया, मैंने जनरल केन को फोन किया, मैंने अपने कई महान लोगों को फोन किया. हमारे पास महान लोग हैं और मैंने कहा, चलिए बात करते हैं. मिडिल-ईस्ट में हमारे सामने एक समस्या है. ईरान नाम का एक देश है जो 47 सालों से आतंक फैला रहा है और वो परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब हैं. ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अपने नेताओं से कहा कि या तो अमेरिका आगे बढ़ सकता है और उस 50,000 की संख्या को 55 और 60 तक पहुंचा सकता है. या फिर अमेरिका रुक सकता है और मिडिल ईस्ट में इस बड़ी समस्या को खत्म कर सकते हैं.
ट्रंप ने कहा, पीट मुझे लगता है कि आप पहले व्यक्ति थे जिन्होंने आवाज उठाई और आपने कहा कि चलिए ऐसा करते हैं. क्योंकि आप उन्हें परमाणु हथियार नहीं बनाने दे सकते. इसलिए अब हमारी बहुत अच्छी बातचीत चल रही है. ये कल रात, या उससे एक रात पहले शुरू हुई थी.
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया था. इस बमबारी में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. युद्ध शुरू हुए अब 25 दिन हो चुके हैं और इस दौरान ईरान के कई दिग्गज नेताओं की जान जा चुकी है.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

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