
पाकिस्तान चुनाव के फाइनल नतीजे घोषित, PTI कार्यकर्ताओं का विरोध, अगले PM का देश को इंतजार - 10 Points
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राजनीतिक संकटों से घिरे पाकिस्तान में अब सबसे बड़ी चिंता नई सरकार के गठन का है. चुनाव के फाइनल नतीजे घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें इमरान खान के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 100 से ज्यादा सीटें जीती हैं. इस बीच चुनाव में कथित धांधली को लेकर देशभर में पीटीआई के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इमरान और नवाज दोनों ने ही सरकार के गठन का दावा किया है. पढ़ें पाकिस्तान के राजनीतिक संकट की अब तक की 10 बड़ी बातें.
पाकिस्तान में चुनाव के फाइनल नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. इमरान खान की पार्टी पीटीआई द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 100 से ज्यादा सीटें जीती. पीटीआई कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने कुछ सीटों पर दोबारा 15 फरवरी को चुनाव का ऐलान किया है. इस बीच पीटीआई के कार्यकर्ता देशभर में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. वे चुनाव में धांधली के आरोप लगा रहे हैं. जानें पाकिस्तान की राजनीतिक संकट पर दस बड़े अपडेट.
1. पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के मुताबिक, पीटीआई द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 100 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रच दिया. वहीं नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को फाइनल नतीजे में 72 सीटें मिली हैं. पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी की अध्यक्षता वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 54 सीटें जीतीं. पार्टी के सिंध प्रांत में ज्यादातर उम्मीदवार जीते हैं. ईसीपी ने कहा कि अन्य छोटी पार्टियों ने संयुक्त रूप से 27 सीटें जीतीं और किसी भी गठबंधन सरकार के गठन में वे अहम भूमिका निभा सकते हैं.
2. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी जीत का दावा किया और कहा कि उनकी पार्टी "इकलौती सबसे बड़ी पार्टी" है. हालांकि, उन्होंने बहुमत नहीं मिलने की बात स्वीकार की है. उन्होंने सहयोगियों को गठबंधन सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है.
3. जेल में बंद इमरान खान ने भी चुनाव में सबसे बड़ी जीत का दावा किया है और वह भी अपनी पार्टी की सरकार बनाने की इच्छा रखते हैं. इमरान खान के लिए यह चुनाव करो यो मरो की तरह था, जहां उनकी पार्टी के समर्थक निर्दलीय उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इमरान की पार्टी को चुनाव आयोग ने बैन कर दिया था.
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4. पीटीआई समर्थित निर्दलीयों को बड़ी हिस्सेदारी मिलने के बावजूद, वे पाकिस्तान के चुनावी कानूनों के तहत सरकार नहीं बना सकते. चुनाव आयोग द्वारा गजेट में नतीजे घोषित किए जाने के तीन दिनों के भीतर उन्हें एक पार्टी में शामिल होना होगा और फिर सरकार बनानी होगी.' निर्दलीय उम्मीदवार नेशनल असेंबली में आरक्षित 70 सीटों का भी आवंटन नहीं कर सकते.

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