
पहाड़ों पर बारिश से नहीं राहत, लैंडस्लाइड के बाद बदरीनाथ हाईवे बंद, हिमाचल-उत्तराखंड के इन जिलों में अलर्ट
AajTak
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बरस रही आसमानी आफत से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. भारी बारिश के चलते हाईवे सहित कई सड़कें बंद हैं. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है.
पहाड़ों पर मॉनसून आफत बनकर बरस रहा है. उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, कई सड़कें बंद हैं. उत्तराखंड के चमोली जिले के लगभग सभी हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है. इस कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद है.
चमोली में देर रात हुई मूसलाधार बारिश की वजह से बदरीनाथ नेशनल हाईवे सात से ज्यादा जगहों पर बंद है. कर्णप्रयाग, छिनका, पीपलकोटी, टंगड़ी पागल नाला, बेला कूची, गोविंदघाट, खचड़ा नाला और कंचनगंगा में इस समय बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है. वहीं, बेला कोच्चि में पहाड़ी से भारी मलबा आने के कारण एक वाहन पूरी तरह से मलबे की चपेट में आ गया.
इसके अलावा बागेश्वर में देर रात हुई भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड से NH 109 पर मलबा आने से रास्ता बंद हो गया, जिससे यातायात प्रभावित है. इस बीच मौसम विभाग ने अभी बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना व्यक्त की है. IMD ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार में आज, 16 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है.
इसके इलावा 17 में से 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है, जिसमें चंपावत, नैनीताल, उधमसिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार शामिल हैं. मॉनसून की बारिश से राज्य के निचले इलाके ज्यादा प्रभावित हैं. नैनीताल प्रशासन ने रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक नैनीताल-अल्मोड़ा हाईवे पर यातायात की आवाजाही पर रोक लगा दी है. बीते दिन हुई भारी बारिश के कारण टिहरी, भिलंगना, बालगंगा, नैलचा नदियां उफान पर हैं.
हिमाचल प्रदेश के इन जिलों में भी अलर्ट हिमाचल प्रदेश में आपदा से जनजीवन अभी सामान्य भी नहीं हुआ था कि मौसम विभाग ने फिर 18 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है. राज्य सरकार ने मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है. IMD के मुताबिक, राज्य के बिलासपुर, सोलन, उना, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, किन्नौर और कुल्लू में गरज के साथ भारी से बहुत बारिश होने की संभावना है.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











