
पश्चिमी एशिया तनाव: बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी कहां हैं?
The Wire
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (एक समुद्री मार्ग) में अनिश्चितता के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं. तेल क़ीमतों में उछाल और आयात निर्भरता के बीच पेट्रोलियम मंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. साथ ही, सरकार की तैयारी और विकल्पों पर बहस तेज़ हो गई है.
नई दिल्ली: अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के तीन दिन बाद भी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभाव को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया है. इन हमलों के बाद क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और यूएई सहित खाड़ी देशों पर जवाबी हमले हुए हैं.
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुई इन कार्रवाइयों का भारत के ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा, इसको लेकर सवाल बने हुए हैं. इन घटनाओं के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य (द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज – एक समुद्री मार्ग) के प्रभावी रूप से बंद होने की स्थिति पैदा हो गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही एक कार्यकारी आदेश जारी कर चुके हैं, जिसमें कहा गया है कि भारत पर अमेरिकी मंत्रियों की एक समिति निगरानी रखेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह रूस के साथ व्यापार न करे. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, जिसके चलते भारत सस्ते रूसी तेल का लाभ उठा रहा था.
हालांकि, द वायर की एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण फर्म केप्लर के आंकड़े बताते हैं कि भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात पहले ही घटने लगा है. जनवरी के पहले तीन हफ्तों में यह खरीद घटकर लगभग 11 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई, जो पिछले महीने के औसत 12.1 लाख बैरल प्रतिदिन से कम है और 2025 के मध्य में अपने चरम पर यह दो मिलियन (20 लाख) बैरल प्रतिदिन से अधिक थी.
ऐसे में, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के पास सीमित विकल्प ही बचे हैं.
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, जिनका नाम दोषी करार दिए गए यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ ईमेल आदान-प्रदान में सामने आने के कारण विवादों में रहा है, अब तक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा, इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में बताया कि जून 2024 से अब तक राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और सात मॉब लिंचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सबसे अधिक 24 सांप्रदायिक दंगे बालासोर ज़िले में दर्ज किए गए, जबकि 16 मामले खुर्दा ज़िले में सामने आए. हालांकि इन मामलों में 50 प्रतिशत से भी कम मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई बना दिया गया है.





