
'पर्सनली नहीं मिले आयोजक...', परमिशन की कंफ्यूजन पर बोली पुलिस, अल्लू अर्जुन के बेडरूम में घुसने वाले दावे पर क्या कहा
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DCP ने आगे कहा,
हैदराबाद सेंट्रल जोन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) ने 'पुष्पा-2' की रिलीज और उससे जुड़े विवाद पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया. उन्होंने इस मामले में पुलिस की भूमिका और अभिनेता अल्लू अर्जुन के खिलाफ लगे आरोपों पर सफाई दी है.
DCP ने कहा, "संध्या सिने एंटरप्राइज 70MM द्वारा ACP चिक्कड़पल्ली को 4-5 दिसंबर 2024 को पुष्पा-2 की रिलीज के दौरान बंदोबस्त की मांग करते हुए पत्र भेजा गया था, हालांकि, पुलिस को ऐसी कई चिट्ठियां मिलती हैं, जिनमें राजनीतिक हस्तियों, फिल्मी सितारों और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए व्यवस्था की मांग की जाती है. हर कार्यक्रम के लिए सुरक्षा इंतजाम देना हमारी क्षमता से बाहर है. जहां बड़ी भीड़ या प्रमुख हस्तियों का आगमन होता है, वहां आयोजक पुलिस स्टेशन, ACP या DCP कार्यालय आकर कार्यक्रम की जानकारी देते हैं. इस मामले में आयोजकों ने केवल इनवर्ड सेक्शन में पत्र जमा किया, अफसरों से कोई व्यक्तिगत संपर्क नहीं किया."
अल्लू अर्जुन के आने से स्थिति बिगड़ीः DCP DCP ने आगे कहा, "इस स्थिति के बावजूद, हमने थिएटर के बाहर भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस इंतजाम की व्यवस्था की थी. सब कुछ कंट्रोल में था, लेकिन अभिनेता अल्लू अर्जुन के आगमन के बाद स्थिति बदल गई. उन्होंने अपनी गाड़ी की सनरूफ से बाहर निकलकर भीड़ को देखकर हाथ हिलाया, जिससे बड़ी संख्या में लोग थिएटर के मुख्य गेट की ओर बढ़ने लगे.
इस दौरान उनकी निजी सुरक्षा टीम ने गाड़ी के लिए रास्ता बनाने के लिए लोगों को धक्का देना शुरू कर दिया. पुलिस ने उनकी टीम को बड़ी भीड़ का हवाला देते हुए अभिनेता को वापस ले जाने की सलाह दी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. अभिनेता थिएटर के अंदर दो घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे.'
"हमने अपनी ओर से पर्याप्त इंतजाम किया था'' DCP ने कहा, "हमने अपनी ओर से पर्याप्त इंतजाम किया था, लेकिन अभिनेता की हरकतों के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. इस भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा 9 दिन से वेंटिलेटर पर है."
DCP ने अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार के आरोप को भी खारिज किया. उन्होंने कहा, "जब पुलिस उनके घर पहुंची, तो उन्होंने कपड़े बदलने के लिए समय मांगा. पुलिसकर्मी उनके कमरे के बाहर इंतजार करते रहे और अभिनेता खुद बाहर आकर पुलिस गाड़ी में बैठे. उनके साथ कोई बल प्रयोग या दुर्व्यवहार नहीं किया गया. उन्हें परिवार से बात करने और मिलने का पूरा समय दिया गया."

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