
पद्म पुरस्कार- 2022 के लिए मांगे जा रहे आवदेन, आप खुद को मानते हैं इसके लायक तो पेश करें अपना दावा
Zee News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतवार को मुल्क में जमीनी स्तर पर असाधारण काम करने वाले लोगों को पद्म पुरस्कार 2022 के लिए नामांकित करने के लिए आमंत्रित किया है.
नई दिल्लीः वजीर-ए-आजम नरेंद्र मोदी ने इतवार को जमीनी सतह पर काबिल-ए-जिक्र काम करने वाले लोगों को पद्म पुरस्कार- 2022 के दावेदारी के लिए उन्हें दरख्वास्त करेन को मदू किया है. पद्म पुरस्कारों का ऐलान हर साल यौम-ए-जम्हूरिया एक दिन पहले किया जाता है. यह मुल्क के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक है. ये अवार्ड तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं. पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए), पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा) और पद्म श्री (प्रतिष्ठित सेवा) के लिए. India has many talented people, who are doing exceptional work at the grassroots. Often, we don’t see or hear much of them. Do you know such inspiring people? You can nominate them for the . Nominations are open till 15th September. 15 सितंबर तक करें आवेदन इस अवार्ड को पाने के लिए दरख्वास्त करना होता है. अर्वाड के लिए अवाम को मदू करने को प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर कहा है कि मुल्क में कई होनहार और काबिल लोग हैं, जो जमीनी सतह पर शानदार काम कर रहे हैं. अक्सर, हम उनमें से बहुत कुछ नहीं देखते या सुनते हैं. क्या आप ऐसे प्रेरक लोगों को जानते हैं? आप उन्हे हैशटैग पीपुल्स पद्म के लिए नामांकित कर सकते हैं. इसके लिए दाखिला 15 सितंबर तक खुले हैं.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








