
पत्नी के गहने बेचकर जावेद ने ऑटो को बनाया एंबुलेंस, ताकि मुफ्त में कर सके लोगों की मदद
Zee News
Bhopal auto driver Javed Khan: मध्य प्रदेश के दारुल हुकूमत भोपाल के रहने वाले जावेद खान पेशे से ऑटो ड्राइवर हैं और हालिया दिनों अपने ऑटो को ही उन्होंने एंबुलेंस में तब्दील कर दिया है.
भोपाल: हालिया दिनों मुल्क बुरी तरह कोरोना वबा की ज़द में है. इस आलमी वबा ने पूरे मुल्क के लोगों को पूरी तरह से बेबस कर दिया है. लोगों की मजबूरी का आलम ये है कि उन्हें ना वक्त पर सही इलाज मिल रहा है और ना ही जरूरी दवाइयां. लेकिन ऐसे पुरआशोब दौर में भी कुछ लोग उम्मीद की किरन बन सामने आ रहे हैं और मुफ्त में इंसानियत की खिदमत अंजाम दे रहे हैं. उन्हीं में एक नाम है जावेद खान, जो कि पेशे से ऑटो ड्राइवर हैं. Bless this gentleman . I think someone needs to find out his name and publish it. He deserves that Deserves Award n Appreciation great initiative for difficult times मध्य प्रदेश के दारुल हुकूमत भोपाल के रहने वाले जावेद खान पेशे से ऑटो ड्राइवर हैं और हालिया दिनों अपने ऑटो को ही उन्होंने एंबुलेंस में तब्दील कर दिया है. जावेद अपने रिक्शा से उन मरीजों को फ्री में अस्पताल पहुंचा रहे हैं जिन्हें एंबुलेंस नहीं मिल पा रही. — Sumti Jain (@sumtijain26) — India's Nomad (@swiftecho33)
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









