
पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए पति के पास घरेलू हिंसा जैसा कानून नहीं: हाईकोर्ट
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शशिकुमार ने दावा किया कि तलाक से कुछ दिन पहले उनकी पूर्व पत्नी द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर, उन्हें नौकरी से हटा दिया गया था. पत्नी ने उन पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. इसपर कोर्ट ने कहा कि "शिकायत का समय साफ दर्शाता है कि उसने (पत्नी) तलाक के आदेश का अनुमान लगाया और याचिकाकर्ता के लिए अनावश्यक परेशानी पैदा की."
घरेलू हिंसा अधिनियम का जिक्र करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि यह 'दुर्भाग्यपूर्ण' है कि एक पति के पास अपनी पत्नी के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम जैसा कोई प्रावधान नहीं है. मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एस वैद्यनाथन की पीठ ने पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान निदेशक के 18 फरवरी, 2020 के आदेश के खिलाफ एक पशु चिकित्सक, पी शशिकुमार द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की.
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