
पतंग के पीछे रेलवे ट्रैक पर दौड़ पड़े बच्चे, तेज रफ्तार ट्रेन ने ली दो मासूमों की जान
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चंडीगढ़ के बाहरी इलाके बालटाना में पतंग का पीछा कर रहे दो मासूम बच्चों की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई. 10 और 13 साल के ये बच्चे खेल-खेल में रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए और अंबाला से जालंधर जा रही ट्रेन को नहीं देख पाए. हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
चंडीगढ़ के बाहरी इलाके में रविवार शाम दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया जहां पतंग का पीछा कर रहे दो मासूम बच्चों की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई. मृतक बच्चों की उम्र 10 और 13 साल बताई जा रही है. हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे पुलिस (GRP) के अधिकारियों ने बताया कि, 'यह घटना चंडीगढ़ के बाहरी क्षेत्र बालटाना इलाके की हरमिलाप नगर कॉलोनी के पास रेलवे ट्रैक पर हुई.' जानकारी के मुताबिक, बच्चों का एक समूह पतंग उड़ा रहा था. इसी दौरान एक पतंग डोर से कटकर रेलवे ट्रैक की ओर चली गई. सभी बच्चे उसे पकड़ने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन दो बच्चे ट्रैक पर ज्यादा आगे निकल गए.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे पतंग पकड़ने में इतने मशगूल थे कि उन्हें सामने से आ रही ट्रेन दिखाई ही नहीं दी. उसी समय अंबाला से जालंधर की ओर जा रही एक ट्रेन तेज गति से ट्रैक पर आ रही थी. बच्चों ने ट्रेन को आते हुए नोटिस नहीं किया और ट्रेन की चपेट में आ गए. हादसा इतना भीषण था कि दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई.
ट्रेन की चपेट में आए दो मासूम
घटना की सूचना मिलते ही GRP की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस ने बताया कि दोनों मृतक आसपास के ही निवासी थे और शाम को घर से खेलने के लिए निकले थे. हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में रेलवे ट्रैक के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं. कई बार बच्चों को ट्रैक के पास खेलते हुए देखा गया है, लेकिन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैक के पास सुरक्षा दीवार, चेतावनी बोर्ड और निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

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