
'न नहाता है न ब्रश करता है...', महिला ने पति पर किया मुकदमा, कोर्ट ने सुनाया ऐसा फैसला
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महिला ने पति के खिलाफ मुकदमे मेंं दावा किया है कि वह कभी नहाता ही नहीं है और उससे पसीने की गंध आती है. इतना ही नहीं बल्कि वह सप्ताह में केवल एक या दो बार अपने दांत ब्रश करता है.
आम तौर पर घरेलू हिंसा और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के चलते लोगों के रिश्ते टूट जाते हैं या तलाक हो जाते हैं. लेकिन क्या कोई साफ सफाई को लेकर किसी को तलाक दे सकता है? दरअसल, तुर्की की एक महिला ने हाल ही में अपने पति के खिलाफ ऐसा मुकदमा दायर किया कि लोग हैरान रह गए.
'5 दिनों तक कपड़े नहीं बदलता और ब्रश...'
इस मुकदमे में दावा किया गया है कि वह कभी नहाता ही नहीं है और उससे पसीने की गंध आती है. इतना ही नहीं बल्कि वह सप्ताह में केवल एक या दो बार अपने दांत ब्रश करता है. महिला की पहचान केवल ए.वाई. के रूप में की गई है. तुर्की समाचार मीडिया ने बताया कि विवाद का मुख्य कारण पति का साफ सफाई न रखना था. महिला ने अंकारा में 19वीं फैमिली कोर्ट को बताया कि उसके पति ने लगातार कम से कम 5 दिनों तक एक ही कपड़े पहने हुए हैं और उससे लगातार पसीने की बदबू आ रही है.
ऑफिस के लोगों ने दी गवाही
इन दावों की पुष्टि के लिए गवाहों को भी लाया गया, जिनमें आपसी परिचित और यहां तक कि पति के ऑफिस कुछ सहकर्मी भी शामिल थे. उन सभी ने महिला की बात को सच बताया. अदालत ने अपने फैसले में तलाक के लिए महिला के अनुरोध को मंजूरी दे दी और पति को अपनी पूर्व पत्नी को पर्सनल हाइजीन की कमी के लिए मुआवजे के रूप में 500,000 तुर्की लीरा ($ 16,500- 13.68 लाख रुपये) का भुगतान करने का भी आदेश दिया.
ए.वाई. के वकील, सेनेम यिलमाज़ेल ने तुर्की समाचार पत्र सबा को बताया, पति-पत्नी को शेयर्ड लाइफ की ज़िम्मेदारियां पूरी करनी चाहिए. यदि एक के व्यवहार के कारण साझा जीवन असहनीय हो जाता है, तो दूसरे पक्ष को तलाक की अर्जी दायर करने का अधिकार है. हम सभी को मानवीय संबंधों में सावधान रहना चाहिए. इस कारण हमें अपने व्यवहार और साफ़-सफ़ाई दोनों पर ध्यान देना चाहिए.

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