
'न्याय अधूरा लग रहा...', दोषियों को उम्रकैद मिलने से नाखुश अंकिता भंडारी के परिजन, किया बड़ा ऐलान
AajTak
कोटद्वार की सिविल कोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने माना कि तीनों ने मिलकर हत्या कर शव छुपाया. परिजन फैसले से असंतुष्ट हैं और हाईकोर्ट में अपील कर दोषियों को फांसी दिलाने की बात कह रहे हैं.
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोटद्वार के सिविल कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य सहित सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. यह मामला करीब दो साल आठ महीने तक अदालत में चला. कोर्ट ने माना कि तीनों दोषियों ने मिलकर अंकिता की हत्या की और उसके शव को छिपाने की साजिश रची. सजा सुनाए जाने के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट से बाहर लाया गया और जेल भेज दिया गया.
अंकिता के माता-पिता ने की दोषियों को फांसी देअने की मांग
हालांकि पीड़ित परिवार कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं है. अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी. उन्होंने कहा कि वो इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे और दोषियों को फांसी दिलवाने की पूरी कोशिश करेंगे.
अंकिता की मां सोनी भंडारी ने भी कोर्ट के फैसले को अधूरा न्याय बताया. उन्होंने कहा कि जिस तरह उनकी बेटी की हत्या की गई, उसके लिए उम्रकैद की सजा काफी नहीं है. बता दें, अंकिता भंडारी की हत्या के इस मामले ने राज्यभर में लोगों को झकझोर दिया था और इसे लेकर कई दिनों तक जनआक्रोश भी देखने को मिला था. अब परिवार हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है.
दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाएंगे
अंकिता भंडारी हत्या मामले में एसआईटी की तरफ से जांच के बाद 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में फाइल की थी. इसमें 97 गवाहों को नामित किया गया था. अभियोजन पक्ष की ओर से इसमें से 47 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर सुनवाई पूरी की.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक दुखद और गंभीर खबर आई है जहां एक 11 साल के बच्चे की हत्या हुई है. बच्चे की आंख और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या की है और उसने घटना के बाद एक वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा. इस घटना के बाद आरोपी फरार है और इस मामले की जांच जारी है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO ने दावा करते हुए कहा कि प्रयागराज प्रशासन के बड़े अधिकारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सम्मान पूर्वक दोबारा स्नान कराने की कोशिश की है. जिसके बाद स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से प्रशासन के लिखित में माफी मांगने, मारपीट करने वालो पर कार्रवाई और चारों शंकराचार्य के स्नान की मांग की गई.










