
न्यायपालिका में पारदर्शिता की बड़ी पहल, सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक किया जजों की संपत्ति का ब्यौरा
AajTak
मौजूदा वक्त में जजों से संबंधित उम्मीदवारों की जानकारी भी ऑनलाइन की गई है. डेटा से पता चलता है कि अप्रूव कैंडिडेट्स की नियुक्ति में सरकार के द्वारा कितना वक्त लिया गया.
सुप्रीम कोर्ट में पारदर्शिता को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. कोर्ट के जजों की संपत्ति का ब्यौरा ऑनलाइन कर दिया गया है. साल 2022 से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के लिए अनुशंसित सभी उम्मीदवारों की डीटेल्स अपलोड की जा चुकी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने HC/SC जजों की नियुक्ति के लिए मूल्यांकन मानदंड ऑनलाइन कर दिया है. इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया को सार्वजनिक कर दिया है.
महिलाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों की तादाद के बारे में डेटा की सिफारिश की गई. मौजूदा वक्त में जजों से संबंधित उम्मीदवारों की जानकारी भी ऑनलाइन की गई है. डेटा से पता चलता है कि अप्रूव कैंडिडेट्स की नियुक्ति में सरकार के द्वारा कितना वक्त लिया गया.
कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम के द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया, "भारत के सुप्रीम कोर्ट की पूर्ण अदालत ने 1 अप्रैल, 2025 को फैसला लिया है कि इस कोर्ट के जजों की संपत्ति की जानकारी अदालत की वेबसाइट पर अपलोड करके सार्वजनिक डोमेन में रखा जाएगा." रिलीज में कहा गया है कि पहले से प्राप्त न्यायाधीशों की संपत्ति की जानकारी अपलोड की जा चुकी है. अन्य जजों की संपत्ति का ब्यौरा वर्तमान संपत्ति विवरण प्राप्त होने पर अपलोड किया जाएगा."
कोर्ट ने उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया को अपनी वेबसाइट पर पब्लिश किया है. इसमें हाई कोर्ट कॉलेजियम की भूमिकाएं, राज्य सरकारों, भारत संघ से प्राप्त इनपुट और जन जागरूकता के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा विचार किए गए शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: वक्फ कानून पर अब 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जानें केंद्र सरकार के हलफनामे में क्या-क्या

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.











