
नो वन किल्ड आकांक्षा दुबे...? इन 4 सवालों के जवाब से खुलेगा एक्ट्रेस की मौत का राज
AajTak
आकांक्षा दुबे की लाश मिलने के बाद से ही यह माना जा रहा था कि उन्होंने आत्महत्या की होगी. लेकिन मौत के 10 दिन बाद उस वक्त कहानी पूरी पलट गई, जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई.
साल 2011 में एक फिल्म आई थी 'नो वन किल्ड जेसिका'. भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे की मौत भी ऐसे ही दावे में उलझ गई है. उसकी मौत आत्महत्या या हत्या के बीच उलझी हुई एक पहेली बन चुकी है. 26 मार्च को आकांक्षा की लाश उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक होटल के कमरे में पंखे से लटकी मिली थी.
दरअसल, आकांक्षा दुबे की लाश मिलने के बाद से ही यह माना जा रहा था कि आकांक्षा दुबे ने आत्महत्या की होगी. लेकिन मौत के 10 दिन बाद उस वक्त कहानी पूरी पलट गई, जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई. असल में इसके बाद आकांक्षा की मौत को लेकर अब तक ही हर थ्योरी गलत साबित हो गई और आकांक्षा की मौत, हत्या और आत्महत्या के बीच उलझ गई.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से जो चौंकाने वाले खुलासे हुए वो आकांक्षा दुबे की मौत पर 4 सवाल खड़े करते हैं.
पहला सवाल ये है कि क्या मौत से पहले आकांक्षा ने शराब पी थी? असल में पुलिस ने अपने बयान में कहा था कि मौत से पहले आकांक्षा ने शराब पी थी. लेकिन आकांक्षा के परिवार के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके पेट में एल्कोहल मिलने की पुष्टि नहीं हुई है.
अब दूसरे सवाल की ओर बढ़िए, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आकांक्षा की कलाई पर चोट के निशान हैं. लेकिन वकील का दावा है कि पुलिस ने आकांक्षा के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान की जानकारी नहीं थी.
आकांक्षा की मौत से जुड़े रहस्य का तीसरा सवाल भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही निकला है. दावा किया जा रहा है मौत से पहले आकांक्षा दुबे ने पार्टी की थी. इस पार्टी का 11 हजार का बिल भी पुलिस के रिकॉर्ड में है. लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आकांक्षा के पेट में अनाज का एक दाना भी नहीं मिला है. पार्टी हुई, 11 हजार का बिल भी आया तो आकांक्षा ने कुछ खाया क्यों नहीं?

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.










