
नूंह हिंसा में गंवाई थी प्रदीप शर्मा ने जान, अब परिवार की मदद को आगे आए 6 गांव के लोग
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हरियाणा के मेवात-नूंह में 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा निकाली गई थी. इसी दौरान यात्रा पर पथराव हो गया था. देखते ही देखते यह दो समुदायों में हिंसा में बदल गई. सैकड़ों कारों को आग लगा दी गई. साइबर थाने पर भी हमला किया गया. उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया था.
हरियाणा के नूह-मेवात में हुई साम्प्रदायिक हिंसा में जान गंवाने वाले बागपत के पांची गांव के प्रदीप के परिवार की सहायता के लिए आस-पास के आधा दर्जन गांव के जिम्मेदार लोग आगे आए हैं. गांव के लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता की जाएगी.
पांची गांव के रहने वाले प्रदीप का परिवार बीते 15 साल से गुरुग्राम में रह रहा है. 31 जुलाई को भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में प्रदीप को दंगाईयों ने बुरी तरह घायल कर दिया था. इसके बाद प्रदीप ने दम तोड़ दिया था. शुक्रवार को प्रदीप के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव पांची में ही किया गया है.
प्रदीप के अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी. प्रदीप के परिवार वालों को सांत्वना देने के लिए कई गांवों के लोग उनके घर भी पहुंचे. प्रदीप के छोटे भाई दीपक ने बताया कि उनके भाई धर्म के काम में शहीद हुए हैं, लेकिन ना तो किसी संगठन ने और ना ही सरकार ने उनके परिवार की कोई सुध ली है.
आधा दर्जन गांव आए मदद के लिए आगे
प्रदीप के घर पांची, बड़ा गांव, मुबारकपुर, विनायपुर सहित आधा दर्जन गांव के लोग पहुंचे और पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया है. ग्रामीणों ने मृतक प्रदीप के आवास पर ही पंचायत करके निर्णय लिया कि जब तक प्रदीप के परिवार को सरकारी सहायता नहीं मिलती तब तक पांची और आस-पास के गांव पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता करेंगे. साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है की प्रदीप के परिवार की स्थिति को देखते हुए सरकार को इस परिवार की मदद करनी चाहिए.

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