
नाबालिग के साथ 9 साल हैवानियत... बाप-भाई और रिश्तेदारों ने किया रेप, 6 साल की उम्र में ली गई थी गोद
AajTak
लखनऊ के अमीनाबाद थाना क्षेत्र में 15 साल की नाबालिक को 6 साल की उम्र में एक यतीम खाने से नसरीन नाम की युवती ने गोद लिया था. उसके बाद से बच्ची महिला के घर में रह रही थी. आरोप है कि महिला का पति, भाई और रिश्तेदार उसके साथ रेप करने लगे. आरोपियों ने बच्ची को 9 साल तक हवस का शिकार बनाया.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 15 साल की नाबालिग के साथ उसके पिता, भाई और अन्य रिश्तेदारों ने 9 साल तक रेप किया. इस घटना के सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है. चाइल्ड लाइन की टीम ने लड़की को रेस्क्यू करने के साथ ही आरोपियों के खिलाफ अमीनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. बताया जा रहा है कि लड़की को 6 साल की उम्र में गोद लिया गया था.
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के अमीनाबाद थाना क्षेत्र में एक यतीम खाने से नसरीन नाम की युवती ने बच्ची को गोद लिया था. उस वक्त उसकी उम्र 6 साल थी. तब से बच्ची महिला के घर में रह रही थी. आरोप है कि महिला का पति, भाई और रिश्तेदार उसके साथ रेप करने लगे. उन्होंने 9 साल तक हवस का शिकार बनाया.
पीड़िता ने बाल संरक्षण अधिकार आयोग को बताई आपबीती
पीड़िता ने एक अधिवक्ता की मदद से बाल संरक्षण अधिकार आयोग से संपर्क किया और आपबीती बताई. इसके बाद आयोग की सदस्य सुचिता चतुर्वेदी ने मामले की गंभीरता देखते हुए अपनी टीम के साथ नाबालिक को रेस्क्यू किया और स्थानीय थाने में 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. हैवानियत का शिकार हुई पीड़िता सदमे में हैं. उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है.
6 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य सुचिता चतुर्वेदी के मुताबिक, बच्ची को जब गोद लिया गया था, तब उसकी उम्र 6 साल थी. हालांकि, आरोपियों के पास इसको लेकर कोई कागज नहीं है. बच्ची का कहना है कि उसके साथ रेप होता रहा. विरोध करने पर उसे मारा-पीटा जाता था. एक अधिवक्ता की मदद से वो आयोग के संपर्क में आई थी. इसके बाद उसे रेस्क्यू किया गया.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











