
‘नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचार से नफ़रत नहीं है, भ्रष्ट नेताओं के बारे में बताने पर कुछ नहीं किया’
The Wire
पत्रकार करण थापर से बात करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उनके एक मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले उठाए थे, जिन पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके बजाय आनन-फानन में उनका तबादला करके मेघालय भेज दिया.
नई दिल्ली: पत्रकार करण थापर से बात करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी पार्टी के नेताओं और मुख्यमंत्रियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार से कोई परेशानी नहीं है और उनके द्वारा इस बाबत बात करने पर भी उन्होंने भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की.
इस बातचीत के एक हिस्से में करण थापर मलिक द्वारा पत्रकार प्रशांत टंडन को दिए गए एक साक्षात्कार का जिक्र करते हुए आरएसएस नेता राम माधव और रिलायंस की एक बीमा कंपनी के मामले के बारे में सवाल किया.
उस इंटरव्यू में मलिक ने कहा था कि रिलायंस जम्मू कश्मीर में एक बीमा योजना खोलना चाहता था और उन्होंने इसकी मंजूरी नहीं दी थी, और इसके बाद राम माधव अगली सुबह सात बजे उनके घर पहुंच गए थे.
करण ने मलिक से इसे लेकर पूछा था, ‘आपने उनसे कहा कि मैं कोई गलत काम नहीं करूंगा. वो क्या गलत काम करवाना चाहते थे?

कैम्पेन अगेंस्ट स्टेट रिप्रेशन (सीएएसआर) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में दो मज़दूर अधिकार कार्यकर्ताओं, दो विस्थापन-विरोधी कार्यकर्ताओं और छह छात्रों को 'अधिकारियों' ने उठा लिया है और उनका अब तक कोई पता नहीं है. संगठन ने उनके ठिकाने की जानकारी, सुरक्षा की गारंटी और कानूनी सहायता सुनिश्चित करने की मांग की है.

महाराष्ट्र में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने बीपीसीएल और एचपीसीएल से स्वयं सहायता समूहों और केंद्रीय रसोईघरों के लिए सिलेंडरों की प्राथमिक आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है, ताकि छात्रों के भोजन पर असर न पड़े.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

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