'नमाजियों के लिए टब में पानी रखवाएं', ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी DM को दिए निर्देश
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CJI ने अपने आदेश मे कहा कि हम सॉलिसिटर जनरल के बयान को स्वीकार करते हैं. हम एसजी तुषार मेहता के इस आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हैं कि नमाजियों के लिए पर्याप्त पानी की सुविधा के साथ समुचित संख्या में टब उपलब्ध कराए जाएंगे.
वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नमाजियों की सुविधा के लिए समुचित पानी टब में भरकर रखने के आदेश दिए हैं. रमजान के मद्देनजर ये याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में फव्वारा का एरिया सीलबंद होने की वजह से नमाजियों को वजू करने में दिक्कत हो रही थी.
याचिकाकर्ताओं के वकील हुजैफा अहमदी ने सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के सामने कहा कि अब तो ईद आ गई है. लेकिन समस्या अब भी जस की तस है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बाहर पानी की पूरी व्यवस्था है. लेकिन अहमदी ने कहा कि वो पानी 70 मीटर दूर है. इस पर कोर्ट ने वाराणसी के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वो मस्जिद के बाहर टब में पानी रखवाएं.
वहीं मोबाइल टॉयलेट वैन की जगह वजू के लिए पानी के तब मुहैया कराने की सॉलिसिटर जनरल की पेशकश का मस्जिद इंतजामिया कमेटी के वकील हुजैफा अहमदी ने विरोध किया. हुजैफा अहमदी ने कहा कि हमें मस्जिद से इतनी दूर क्यों जाना चाहिए? ये सत्तर मीटर दूर है.
एसजी तुषार मेहता ने कहा कि हमने वहां पानी का इंतजाम करवा दिया है. परिसर के भीतर मोबाइल टॉयलेट खड़ी करवाना मुमकिन नहीं, क्योंकि वहीं पास में मंदिर का गर्भगृह है. जिस शिवलिंग को वे फव्वारा बताते हैं, वह वॉशरूम के ठीक बगल में है. इसलिए उस स्थान पर वजू की इजाजत नहीं दी जा सकती है. हमने 6 बड़े ड्रम की व्यवस्था कराई है, उनमें वजू के लिए पर्याप्त पानी रहता है.
CJI ने अपने आदेश मे कहा कि हम सॉलिसिटर जनरल के बयान को स्वीकार करते हैं. हम एसजी तुषार मेहता के इस आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हैं कि नमाजियों के लिए पर्याप्त पानी की सुविधा के साथ समुचित संख्या में टब उपलब्ध कराए जाएंगे.

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