
धंसती जमीन, मलबे में तब्दील होते घर... CM धामी की हाई लेवल मीटिंग, खुद भी पहुंचे जोशीमठ
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उत्तराखंड के शहर जोशीमठ में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. यहां घरों और सड़कों में खतरनाक दरारें आ गई हैं. लोग भीषण सर्दी में बाहर सोने के लिए मजबूर हैं. लोगों के आशियाने मलबे में तब्दील होते जा रहे हैं. ऐसे में सीएम धामी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और प्रभावित परिवारों से मिलने जोशीमठ पहुंचे.
उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंस रही है, घरों पर पड़ने वाली दरारें लोगों की धड़कनें बढ़ा रही हैं. पवित्र बद्रीनाथ धाम से महज 45 किलोमीटर दूर जोशीमठ में हैरान करने वाला मंजर है. कई इलाकों में लैंडस्लाइड और दरकती दीवारों की वजह से लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं. वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और प्रभावित परिवारों से मिलने शनिवार को जोशीमठ पहुंचे.
सीएम धामी माउंट व्यू होटल पहुंचे. जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और SDRF की टीमों को तैनात किया गया था. दरअसल, माउंट व्यू और मल्लारी होटल जमीन धंसने के कारण आपस में टकरा गए हैं. इन होटलों के पीछे के इलाके में कई घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
मुख्यमंत्री ने जोशीमठ का हवाई सर्वेक्षण किया. धामी ने दौरा करने के बाद कहा कि जोशीमठ हमारे लिए एक महत्वपूर्ण और सांस्कृतिक स्थान है. हमारा मुख्य मकसद सभी को बचाना है. विशेषज्ञ इसके कारणों को जानने की कोशिश कर रहे हैं. हम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की कोशिश कर रहे हैं.
एक्सपर्ट बोले- बहुत नाजुक दौर में हैं हम
हिमालयन भूविज्ञान पर 35 साल से ज्यादा समय से शोध कर रहे एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर यशपाल सुंदरियाल ने बताया कि पहाड़ के ज्यादार गांव, शहर भूस्खलन के मलबे या स्लोप पर बने हैं. हम बहुत नाज़ुक दौर में हैं. इस पर सरकार को एक्शन लेना होगा. जोशीमठ को अभी भी बचाया जा सकता है
जोशीमठ की नींव कैसे हुई कमजोर?

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