
देश में डिजिटल हेल्थ क्रांति की शुरुआत, जानिए कैसी होगी आपकी Health ID और होंगे कितने फायदे
Zee News
भारत सरकार ने Ayushman Bharat Digital Mission के तहत Digital Health ID योजना को लॉन्च किया है. जिसके तहत देश के हर शख्स की एक Digital Health ID बनेगी. इस कार्ड की मदद से आप देश में मौजूद किसी भी अस्पताल में किसी भी डॉक्टर से अपना इलाज करा सकेंगे.
नई दिल्ली: अब आपके काम की खबर. केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (Ayushman Bharat Digital Mission) के तहत डिजिटल हेल्थ आईडी (Digital Health ID) योजना को लॉन्च कर दिया है. भारत सरकार की इस स्कीम के तहत देश के हर व्यक्ति का एक Digital Health ID बनाया जाएगा. इसके तहत आप देश के किसी भी डॉक्टर और किसी भी अस्पताल में इलाज करा सकेंगे. इसमें आपकी सारी हेल्थ रिपोर्ट्स (Health Reports) एक जगह पर सुरक्षित रहेगी जिन्हें कहीं से भी एक्सेस किया जा सकेगा.
इस हेल्थ आईडी (Health ID) में एक 14 अंकों का यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (Unique Identification Number) होगा. जिसे आप आधार कार्ड या मोबाइल नंबर से जनरेट (Generate) कर सकते हैं. इस हेल्थ आईडी के जरिए आपके स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियों जैसे लैब रिपोर्ट्स (Lab Reports) और डॉक्टर के पर्चे (Prescriptions) को डिजिटली स्टोर कर सकते हैं इसमें इस बात की भी जानकारी दर्ज होगी कि जो दवा आप ले रहे हैं. उसका आपके स्वास्थ्य पर कितना असर हुआ है.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








