
देश में आतंक फैला रहे थे JNU और टाटा के छात्र, भीमा-कोरोगांव मामले में NIA का खुलासा
Zee News
Bhima-Koregaon Case: पिछले सप्ताह ड्राफ्ट चार्जशीट एनआईए स्पेशल कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डी. ई. कोठालीकर के समक्ष दायर की गई थी. NIA के अनुसार, आरोपियों ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए दो प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (नई दिल्ली) और टाटा समाज विज्ञान संस्थान (मुंबई) सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों को भर्ती किया था.
मुंबई: Bhima-Koregaon Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि कोरेगांव-भीमा और एल्गर परिषद मामलों के आरोपियों ने कथित तौर पर महाराष्ट्र और देश में आतंकी गतिविधियों के लिए दो शीर्ष भारतीय विश्वविद्यालयों के छात्रों की भर्ती की थी. NIA का यह बयान पिछले चार वर्षों से भारतीय राजनीति को हिला देने वाले सनसनीखेज मामलों के संबंध में 16 गिरफ्तार आरोपियों और छह अन्य भगोड़ों के खिलाफ दायर दोहरे मामलों में चार्जशीट के मसौदे में सामने आया है. देश की संप्रभुता के लिए खतरा बने ये छात्र दोनों मामलों की लंबी जांच के बाद पिछले सप्ताह ड्राफ्ट चार्जशीट एनआईए स्पेशल कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डी. ई. कोठालीकर के समक्ष दायर की गई थी. NIA के अनुसार, आरोपियों ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए दो प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (नई दिल्ली) और टाटा समाज विज्ञान संस्थान (मुंबई) सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों को भर्ती किया था.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

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