
देश को इस आदमी का शुक्रिया अदा करना चाहिए, जिसने अजीब एक्शन वाले लड़के को 'बुमराह' बना दिया
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में वानखेड़े स्टेडियम पर जसप्रीत बुमराह ने डेथ ओवरों में कमाल की गेंदबाजी करते हुए भारत को इंग्लैंड के खिलाफ रोमांचक जीत दिलाई. लेकिन बुमराह की इस सफलता के पीछे अहमदाबाद के उनके बचपन के कोच किशोर त्रिवेदी की बड़ी भूमिका रही, जिन्होंने 16 साल की उम्र में ही उनके अनोखे एक्शन में भविष्य के महान गेंदबाज की झलक देख ली थी.
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार की रात जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल अपने चरम पर था, तब ऐसा लग रहा था कि भारत के हाथ से मैच फिसल सकता है. 253 जैसा विशाल स्कोर बनाने के बावजूद टीम इंडिया पूरी तरह सुरक्षित नहीं थी. इंग्लैंड के 22 साल के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने ऐसी आक्रामक पारी खेली कि आखिरी ओवरों में मुकाबला सांसें रोक देने वाला बन गया.
इसी निर्णायक क्षण में गेंद जसप्रीत बुमराह के हाथ में आई और उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें इस दौर का सबसे खास तेज गेंदबाज माना जाता है. डेथ ओवरों में बुमराह ने कमाल का नियंत्रण दिखाते हुए अपने अंतिम दो ओवरों में सिर्फ 14 रन दिए. जब बाकी गेंदबाजों की गेंदें चौके-छक्कों में तब्दील हो रही थीं, तब बुमराह ने अपनी विविधता, सटीक लाइन-लेंथ और तेज दिमाग से इंग्लैंड की रफ्तार रोक दी.
भारत ने मुकाबला 7 रन से जीत लिया और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच बने संजू सैमसन ने बुमराह की तारीफ करते हुए कहा, 'जसप्रीत बुमराह एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाली प्रतिभा हैं. इसका पूरा श्रेय उन्हें जाता है.'
लेकिन हर बार जब बुमराह किसी बड़े मैच में भारत को संकट से निकालते हैं, तब एक सवाल मन में उठता है- आखिर इस असाधारण गेंदबाज को सबसे पहले किसने पहचाना?
इस कहानी के केंद्र में हैं अहमदाबाद के एक बुजुर्ग कोच- किशोर त्रिवेदी.
अहमदाबाद का वह छोटा मैदान

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