
देवरिया: परिवार खोकर छह दिन बाद घर पहुंचा सत्य प्रकाश दुबे का बेटा, बोला- अब क्यों जिंदा रहूं
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देवरिया हत्याकांड के बाद सत्य प्रकाश दुबे का बेटा देवेश 6 दिन बाद घर पहुंचा. घर की दहलीज पर पैर रखते ही वह फूट-फूट कर रोने लगा. बोलने लगा कि हत्यारों ने मेरी दुनिया ही उजाड़ दी. अब किसके लिए जिंदा रहूं मैं.
यूपी के देवरिया हत्याकांड में माता-पिता, दो बहनों और एक भाई को खो चुका देवेश शनिवार को घटना के छह दिन बाद अपने घर पहुंचा. घर की दहलीज पर पैर रखते ही वह फूट-फूट कर रोने लगा. उसे इस तरह रोता देख वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए. मकान की ओर बढ़ते समय उसके कदम लड़खड़ा जा रहे थे.
घर की हालत देख वह सिर पकड़कर बैठ गया. बोलने लगा कि हत्यारों ने मेरी दुनिया ही उजाड़ दी. अब किसके लिए जिंदा रहूं मैं. मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे संभाला. शांत करवाया. हौसला दिया. लेकिन परिवार को खो चुके देवेश की तकलीफ उससे ज्यादा तो कोई कहां ही समझ सकता है.
मकान के अंदर भाई गांधी के कपड़े बिखरे पड़े थे. कपड़ों को सीने से लगाकर देवेश बिलखने लगा. रोते हुए कहने लगा. मेरा भाई दीपेश गांधी जयंती के दिन पैदा हुआ था. इसीलिए सभी उसे गांधी बुलाते थे. जन्मदिन के दिन ही उसकी हत्या हो गई. हत्यारों ने मासूम भाई-बहनों की जान लेते समय भी क्रूरता की सीमा लांघ दी.
घर में मां का बॉक्स और बहनों का सामान बिखरा हुआ था. हमलावरों ने पांच लोगों की हत्या के बाद कटरेन के मकान को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. करीब एक घंटे तक मकान पर रहने के बाद देवेश अपनी मां का बॉक्स लेकर देवरिया लौट गया. भारी सुरक्षा के बीच पुलिस की जीप में देवेश को उसके घर लाया गया था. मकान की हालत देखकर वह कुछ बोलने की हालत में नहीं रह गया था. अपने घर से जाते समय भी देवेश पुलिस की जीप में हाथों से मुंह को ढंककर रो रहा था.
बता दें कि 2 अक्टूबर की सुबह पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की हत्या हुई थी. इससे गुस्साए लोगों ने सत्य प्रकाश दुबे के घर में घुसकर 5 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. बताया गया कि घटना वाले दिन देवेश मौके पर नहीं था. वो कर्म-कांड कराने बाहर गया हुआ था. इसीलिए उसकी जान बच गई.
दोनों पक्षों ने दर्ज करवाया है मुकदमा

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