
दूध, शिक्षा और अंतिम संस्कार पर GST? विवाद के बाद वित्त मंत्री ने दिया जवाब
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गूड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) को लेकर संसद में कई सवाल पूछे गए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि कौन-कौन सी चीजें जीएसटी दायरे से बाहर हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दूध, शिक्षा और कई आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर GST को लेकर संसद में उठाए गए सवालों का जवाब दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि GST छूट 2017 में टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है.
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि किन वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी छूट दी गई है. उन्होंने दूध, एजुकेशन और कई जरूरी चीजों पर जीएसटी को लेकर विवाद बढ़ने के बाद इसका जवाब दिया है. वित्त मंत्री ने कहा कि पेंसिल, शार्पनर, इरेजर, अभ्यास पुस्तिकाएं, नोटबुक और नक्शों पर शून्य जीएसटी है. उन्होंने दोहराया कि आवश्यक एजुकेशनल चीजें लंबे समय से टैक्स फ्री हैं और इन पर जीएसटी लगाए जाने के सुझावों को खारिज कर दिया.
क्या दूध पर लगता है जीएसटी? दूध को लेकर सीतारमण ने कहा कि शुरुआत से ही इस उत्पाद को जीएसटी से पूरी तरह छूट दी गई है. हालांकि 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में घी, पनीर और मक्खन जैसे दूध से बने उत्पादों पर जीएसटी की दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई, लेकिन उन्होंने कहा कि दूध जीएसटी के दायरे से बाहर है. संसद में किए गए दावों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने कहा कि क्या वह सदन के सदस्यों को मूर्ख समझ रहे हैं?
शिक्षा पर जीएसटी एजुकेशन के विषय पर भी विस्तार से चर्चा के दौरान सीतारमण ने कहा कि प्री-स्कूल से लेकर उच्च माध्यमिक शिक्षा तक, किसी भी स्तर पर जीएसटी लागू नहीं है. मान्यता प्राप्त योग्यताओं की शिक्षा पर जीएसटी नहीं है. किताबों, सब्जेक्ट वाइज बुक और नोटबुक पर 2017 से जीएसटी लागू नहीं है.
हेल्थ सर्विसेज और अंतिम संस्कार के सेवाओं पर जीएसटी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी इसी तरह स्पष्टीकरण दिया गया. वित्त मंत्री ने बताया कि जुलाई 2017 से उपचार, निदान और देखभाल सेवाओं पर शून्य जीएसटी लागू है. साथ ही अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार के तहत अतिरिक्त राहत भी दी गई है . उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 में नेक्स्ट जनरेशन के जीएसटी सुधारों के तहत व्यक्तिगत योजनाओं पर स्वास्थ्य और जीवन बीमा की दर घटाकर 0% कर दी गई है.
अंतिम संस्कार सेवाओं पर जीएसटी के दावे का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि अंतिम संस्कार सेवाओं पर कभी जीएसटी लगा ही नहीं था और आगे कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से ही जीवन के अंतिम क्षणों से संबंधित सेवाएं जीएसटी से मुक्त रही हैं.

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