
दुमका: घर का दरवाजा तोड़ दरिंदों ने नाबालिग को बनाया अपना शिकार, गांव के 4 युवकों ने किया रेप
Zee News
Dumka News: दुमका में वहशी दरिंदों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी और दादी के साथ रहने वाली नाबालिग लड़की के घर का दरवाजा तोड़ कर उसके साथ गैंगरेप किया. रेप करने वाले गांव के ही चार लोग थे, जिसमें से दो नाबालिग भी है.
Dumka: दुमका से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है. दरअसल, जिले में दादी के साथ रहने वाली छठी क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग को गांव के ही रहने वालों चार युवकों ने अपनी हवस का शिकार बनाया. यही नहीं सामुहिक दुष्कर्म (Gang Rape In Dumka) करने के बाद उसे ये धमकी भी दी गई. जानकारी के अनुसार, घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को कहा कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसके साथ उसके परिवार को मौत के घाट उतार दिया जाएगा. दुष्कर्म की पीड़िता घटना के बाद गुमसुम सी रहने लगी, दादी बीमार रहती थी, लिहाजा मासूम अंदर ही अंदर घुट घुट कर जीने लगी थी.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









