
दिशा रवि ने तोड़ी चुप्पी, पूछा- पृथ्वी पर जीविका के बारे में सोचना कब अपराध बन गया?
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दिशा रवि ने अपने बयान में लिखा है कि जब वह तिहाड़ जेल में थी तो सोच रही थी कि इस ग्रह पर जीविका के सबसे बुनियादी तत्वों के बारे में सोचना कब गुनाह हो गया, जो कि जितना उनका है उतना मेरा भी है.
टूलकिट केस में गिरफ्तार की गईं जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि ने शनिवार को अपनी चुप्पी तोड़ी. बेंगलुरु की 22 वर्षीय दिशा रवि 'फ्राइडे फॉर फ्यूचर' नामक मुहिम की संस्थापक हैं और युवा जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग से जुड़ी हैं. दिशा रवि को किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित 'टूलकिट' सोशल मीडिया पर साझा करने में कथित तौर पर शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था. I'm letting this out into the internet void in order to present a narrative that is my own. P.S. This is based on my personal experience and does not represent the opinion of any climate movement, group, or organisation. pic.twitter.com/djrieCZcn8 उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर चार पेज का बयान जारी किया है. इसमें उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा कि पृथ्वी पर जीविका के बारे में सोचना कब अपराध बन गया? अपनी गिरफ्तारी और फरवरी में पुलिस और न्यायिक हिरासत में बिताए समय को याद करते हुए दिशा लिखती हैं, "मैं खुद से पूछती रही कि उस वक्त वहां पर होना कैसा लग रहा था, लेकिन मेरे पास कोई जवाब नहीं था. इसका सामना करने का सिर्फ एक ही तरीका था कि मैं ये सोच लूं कि मेरे साथ ये सब हो ही नहीं रहा है. पुलिस 13 फरवरी 2021 को मेरे दरवाजे पर नहीं आई थी, उन्होंने मेरा फोन और लैपटॉप नहीं लिया और गिरफ्तार नहीं किया. उन्होंने मुझे पटियाला हाउस कोर्ट में भी पेश नहीं किया."
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