
दिल्ली सरकार ने पांच सितारा होटल में हाईकोर्ट जजों के लिए कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया
The Wire
दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने पांच सितारा अशोका होटल में हाईकोर्ट के जजों, न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष कोविड हेल्थ केयर केंद्र स्थापित करने का फैसला लिया है. महामारी के दौर में जब आम नागरिकों के लिए बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हैं, तब जजों के लिए ऐसी सुविधा पर लोग सवाल उठा रहे हैं.
नई दिल्ली: एक ऐसे समय में जब लोग अपने परिजनों के लिए अस्पतालों में बेड या ऑक्सीजन पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब एक फाइव स्टार होटल में विशेष रूप से दिल्ली हाईकोर्ट के जजों, न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष कोविड हेल्थ केयर सुविधा केंद्र स्थापित करने का दिल्ली सरकार का फैसला, ऐसी सुविधा की मांग और सरकार द्वारा उसे स्वीकार किए जाने पर सवाल उठाता है. Delhi government to convert 100 rooms of Ashoka Hotel for setting up of a Covid Health facility for Justices and other judicial officers of the Delhi High Court and their families. pic.twitter.com/6O4qnGu9Km जहां वरिष्ठ वकीलों ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि हाईकोर्ट फ्रंटलाइन पर काम करता है, जिसमें कम से कम छह जज बीमार पड़ गए और दो न्यायिक अधिकारियों की मृत्यु हो गई, इसलिए उन्हें ऐसी सुविधा का अधिकार है तो वहीं एक अन्य वकील ने दावा किया कि यह भेदभावपूर्ण है, क्योंकि ऐसे समय में सभी को समान इलाज और सुविधाओं का अधिकार है. — ANI (@ANI) April 26, 2021 दरअसल बीते 25 अप्रैल को चाणक्यपुरी की सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) गीता ग्रोवर ने चाणक्यपुरी के अशोका होटल में 100 रूम अलग करने और एक कोविड हेल्थ केयर सुविधा केंद्र में तब्दील करने के लिए उन्हें प्राइमस अस्पताल को सौंपने का एक आदेश जारी किया. एसडीएम ग्रोवर के आदेश में कहा गया, ‘दिल्ली हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीशों और अन्य न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए सीएचसी (कोविड स्वास्थ्य केंद्र) सुविधा स्थापित करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध प्राप्त हुआ है. इसलिए माननीय न्यायाधीशों, अन्य अधिकारियों और उनके परिजनों के उपयोग के लिए कोविड स्वास्थ्य सुविधा केंद्र की स्थापना और तत्काल प्रभाव से नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित प्राइमस अस्पताल में शामिल करने के लिए नई दिल्ली स्थित अशोका होटल के 100 कमरों की आवश्यकता है.’
महाराष्ट्र के एक स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात को पुलिस ने नासिक से गिरफ़्तार किया है. उन पर एक 35 वर्षीय महिला के साथ तीन साल तक बार-बार रेप करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप है. हाल ही में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा उनके पैर धोने का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद उनका विरोध तेज़ हो गया था.

एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से उड़ानों में कम से कम 60% सीटों के चयन के लिए कोई शुल्क न लेने के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है. समूह का कहना है कि इस कदम से एयलाइंस को हवाई किराए बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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