
दिल्ली में होने जा रही ऐतिहासिक 'कॉन्फ्रेंस'... 25 साल बाद एक जगह जुटेंगे सभी राज्यों के निर्वाचन आयुक्त
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करीब 25 साल बाद निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के निर्वाचन आयुक्तों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस बुलाई है. 24 फरवरी को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे. सम्मेलन में चुनावी कानून, तकनीकी पहल, ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म, ईवीएम और मतदाता सूची जैसे विषयों पर राज्यों के साथ समन्वय पर मंथन होगा.
इस सदी में करीब 25 साल बाद निर्वाचन आयोग ने देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के निर्वाचन आयुक्तों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस बुलाई है. यह सम्मेलन 24 फरवरी को आयोजित होगा, जिसमें सभी राज्य चुनाव आयोगों के साथ चुनावी प्रक्रियाओं और नवाचारों पर विचार साझा किए जाएंगे. इससे पहले ऐसी ही एक कॉन्फ्रेंस वर्ष 1999 में हुई थी, यानी यह इस मिलेनियम और सदी की पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है.
इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी भारत मंडपम में की जाएगी. सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे. उनके साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहेंगे.
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36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी
इस सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) हिस्सा लेंगे. राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी विशेषज्ञों के साथ-साथ तकनीकी विशेषज्ञों को भी साथ लाएंगे. ये विशेषज्ञ अपनी-अपनी परियोजनाओं, तकनीकी सुझावों और अनुभवों को सम्मेलन के दौरान साझा करेंगे.
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और राज्य निर्वाचन आयोगों (एसईसी) के कामकाज में बेहतर तालमेल स्थापित करना है. बैठक के दौरान राज्यों में चुनाव कराने से जुड़ी प्रक्रियाओं, रसद व्यवस्था और चुनावी कानूनों पर चर्चा की जाएगी.

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