
दिल्ली में दहकता कूड़े का पहाड़, आग की लपटें और धुएं का गुबार... 5 Video में देखें गाजीपुर लैंडफिल साइट की भीषण आग
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दिल्ली में गाजीपुर, भलस्वा और ओखला तीन प्रमुख लैंडफिल साइट्स हैं. इन कचरों के ढेर में आग लगना कोई नई बात नहीं है. हर साल गर्मियों के मौसम में जैसे ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है तो लैंडफिल साइट में आग लग जाती है, जिससे आस-पास रहने वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल साइट पर रविवार शाम से ही लगी आग अबतक धधक रही है. इस आग की वजह से आसपास के इलाके में जहरीली गैस फैल गई है, जिसकी वजह से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है. लैंडफिल साइट पर आग इतनी तेज लगी कि धुएं का गुबार आसमान छू रहा था. इस जहरीले धुएं से न केवल दिल्ली वालों बल्कि उससे सटे नोएडा और गाजियाबाद वालों को भी दिक्कत हो रही है.
लैंडफिल साइट पर आग बुझाने के लिए दमकल की 30 से ज्यादा गाड़ियां लगी हुई हैं. पूरी रात आग पर काबू पाने की कोशिश होती रही हालांकि अबतक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है. कई हिस्सों में आग रुक-रुककर धधक रही है. यहां अभी भी धुएं का गुबार उठ रहा है.
दिल्ली में गाजीपुर, भलस्वा और ओखला तीन प्रमुख लैंडफिल साइट्स हैं. इन कचरों के ढेर में आग लगना कोई नई बात नहीं है. यहां हर साल गर्मियों के मौसम में जैसे ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है तो लैंडफिल साइट में आग लग जाती है, जिससे आस-पास रहने वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
दिल्ली फायर सर्विस के एक अधिकारी ने बताया कि हमें शाम पांच बजकर 22 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद दमकल की दो गाड़ियों को आग बुझाने के काम पर लगाया गया था. उस पर काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस मामले में स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है. वहीं दिल्ली फायर सर्विस का कहना है कि ये आग लैंडफिल में पैदा हुई गैस के कारण लगी है.
दिल्ली में कचरे का प्रबंधन नगर निगम के अंडर में आता है. एमसीडी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है. इस बीच बीजेपी ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बीते साल 31 दिसंबर तक गाजीपुर लैंडफिल साइट को खाली कराने का वादा किया था, जो अबतक पूरा नहीं हो पाया है.

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