
दिल्ली दंगों की ‘बड़ी साज़िश’ मामले में शरजील इमाम को अंतरिम ज़मानत
The Wire
दिल्ली की एक अदालत ने शरजील इमाम को भाई की शादी में शामिल होने के लिए 20 मार्च से 30 मार्च तक दस दिनों की अंतरिम ज़मानत दी है. जनवरी 2020 को बिहार के जहानाबाद स्थित उनके घर से गिरफ़्तार किए जाने के बाद से इमाम को पहली बार ज़मानत मिली है.
नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित ‘बड़ी साज़िश’ से जुड़े मामले में सोमवार (9 मार्च) को शरजील इमाम को अंतरिम जमानत दे दी.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने उनके भाई की शादी में शामिल होने के लिए इमाम को अंतरिम जमानत प्रदान की. इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च तक 10 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी गई है.
इमाम को पहली बार जमानत मिली है. उन्हें 28 जनवरी 2020 को बिहार के जहानाबाद स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और तब से वे पांच साल से अधिक समय से जेल में हैं.
दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय क्षेत्र में इमाम के भाषण भड़काऊ थे.
भाषण वायरल होने के बाद पुलिस ने इमाम के खिलाफ कार्रवाई की थी. कुछ ही दिनों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में उनके खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज की गईं. जब उन्होंने आत्मसमर्पण किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी याचिका में इमाम ने छह सप्ताह की अंतरिम जमानत की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि उनके छोटे भाई की शादी के समारोह 22 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च तक चलेंगे.

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