
दिल्ली जलभराव: जनता झेल रही 'नर्क', लेकिन पार्टियों की नजर सिर्फ चुनाव पर
Zee News
दिल्ली में बारिश के बाद जलभराव की समस्या से जनता का बुरा हाल है. यातायात व्यवस्था से लेकर सीवर के पानी में खराब होकर फंसती गाड़ियां तक दिल्ली सब झेल रही है लेकिन दिल्ली के नेताओं का सारा ध्यान सिर्फ चुनाव पर है.
नई दिल्ली: हर बारिश के बाद राजधानी दिल्ली की तस्वीर बदल जाती है. दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जलभराव से बदहाल स्थिति, यातायात व्यवस्था की अस्त-व्यस्त तस्वीरें नजर आने लगती हैं. लेकिन ये नजारा बदलता कभी नहीं है. सड़कों पर घंटों रेंगती गाड़ियां, सीवर के पानी में खराब होकर फंसती गाड़ियां, जलभराव में कमजोर होती घरों की नींवें, बीमारियों की जड़ बनते जलजमाव, तालाब बनी सड़क पर नेताओं की राफ्टिंग, बस इतनी ही हैं जनता की समस्याएं. आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला हर साल होता है. लेकिन दिल्ली सरकार और नगर निगम की लड़ाई में जनता घुन की तरह पिस रही है. राजधानी दिल्ली हल्की बारिश के बाद ही समंदर सी दिखने लगती है. सवाल पूछने पर सरकार और निगम दोनों एक दूसरे पर नाकारा होने का आरोप लगाने लगते हैं. लेकिन इसमें जनता की परेशानी का समाधान कहां है? सत्ताधारी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता राघव चड्ढा इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम चुनाव की बात करते हैं.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








