
दिल्ली के डिप्टी सीएम ने 'देशभक्ति पाठ्यक्रम' के ब्लू-प्रिंट का लिया जायजा, बच्चों में देशभक्ति बढ़ाना है उद्देश्य
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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शनिवार को ‘देशभक्ति करिकुलम’ के भविष्य के ब्लू-प्रिंट को लेकर रिव्यू मीटिंग की. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य है कि हर बच्चा अपने देश के मान सम्मान को लेकर आत्मविश्वास में जिए और एक कट्टर देशभक्त नागरिक बने.
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शनिवार को ‘देशभक्ति करिकुलम’ के भविष्य के ब्लू-प्रिंट को लेकर कोर-डेवलपमेंट टीम के साथ समीक्षा बैठक की. देशभक्ति करिकुलम ने कोरोना के बाद अपना पहला साल पूरा कर लिया है.
समीक्षा बैठक के दौरान सिसोदिया ने कहा कि देशभक्ति करिकुलम का पूरा मकसद हमारे स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को उनके भारतीय होने पर गर्व करवाना है. हर बच्चे में ये सोच विकसित करनी है कि वो अपने आसपास कुछ भी गलत होता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाए और अगर खुद भी कुछ गलत करें तो उसके मन में भी यह भाव आए कि एक भारतीय होकर मैं ऐसा कैसे कर सकता हूं.
बच्चे को कट्टर देशभक्त बनाना इस करिकुलम का उद्देश्य
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य है कि हर बच्चा अपने देश के मान सम्मान को लेकर आत्मविश्वास में जिए और एक कट्टर देशभक्त नागरिक बने. वह देश की समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने के लिए तैयार रहे और समस्याओं से भागे ना बल्कि समस्याओं का सामना करें और उनका समाधान ढूंढे. डिप्टी सीएम ने कहा मुझे खुशी है कि पाठ्यक्रम की मदद से बच्चों में ये बदलाव आना शुरू हो गया गया है.
करिकुलम में अब तक क्या हुआ?
- पाठ्यक्रम केजरीवाल सरकार के सभी स्कूलों में कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के 18 लाख से ज्यादा बच्चे देशभक्ति करिकुलम पढ़ रहे हैं.

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