
दिल्ली: केजरीवाल के मंत्री सत्येंद्र जैन को ED ने किया गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग केस में शिकंजा
AajTak
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली में आप सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन को गिरफ्तार किया है.
प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए दिल्ली में आप सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) को गिरफ्तार किया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में यह कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि फर्जी कंपनियों के जरिये आए पैसे का उपयोग भूमि की सीधी खरीद के लिए या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद के लिए लिए गए ऋण की अदायगी के लिए किया गया था. इसी बीच दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सत्येंद्र जैन पर लगे आरोपों को फर्जी बताया है. उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ 8 साल से एक फर्जी केस चलाया जा रहा है. अभी तक कई बार ED बुला चुकी है. बीच में कई साल ED ने बुलाना भी बंद कर दिया था क्योंकि उन्हें कुछ मिला ही नहीं. अब फिर शुरू कर दिया क्योंकि सत्येंद्र जैन हिमाचल के इलेक्शन इंचार्ज हैं. सिसोदिया ने कहा कि हिमाचल में बीजेपी बुरी तरह से हार रही है. इसीलिए सत्येंद्र जैन को आज गिरफ्तार किया गया है ताकि वो हिमाचल नहीं जा सकें. वे कुछ दिनों में छूट जाएंगे क्योंकि केस बिलकुल फर्जी है. वहीं सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने आप सरकार पर हमला बोला है. बीजेपी ने 'ये हैं ईमानदार सरकार के ईमानदार मंत्री' कहते हुए दिल्ली की आम आदमी सरकार पर तंज किया है. विवादों से रहा नाता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल के साथ ही साथ सत्येंद्र जैन पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. जैन पर अधिकारों के दुरुपयोग के भी कई आरोप लग चुके हैं. सत्येंद्र जैन की बेटी सौम्या जैन को मोहल्ला क्लिनिक के लिए सलाहकार नियुक्त किए जाने के मामले ने भी काफी तूल पकड़ा था. इस मामले की जांच सीबीआई तक को दी गई थी.केजरीवाल के करीबी माने जाते हैं सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन पेशे से आर्किटेक्ट हैं. सत्येंद्र को केजरीवाल का काफी करीबी नेता माना जाता है. यही वजह है कि केजरीवाल की छोटी कैबिनेट में उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां मिली हुई थीं. सत्येंद्र जैन ने अन्ना आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई थी. जिसके बाद जैन आम आदमी पार्टी से जुड़ गए थे.(इनपुट- मुनीश)

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











