
दिल्लीः अग्निकांड के बाद बेबी केयर सेंटर का मालिक फरार, तलाश में पुलिस जयपुर रवाना, आपराधिक लापरवाही का है इतिहास
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डॉ. नवीन खिची के बेबी केयर सेंटर का आपराधिक लापरवाही का इतिहास रहा है. 2021 में नवीन खिची एंड केयर- न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, विवेक विहार फेज वन के खिलाफ IPC की धारा 325, 506, 34 और किशोर न्याय अधिनियम (बच्चों की सुरक्षा और देखभाल) की धारा 75 के तहत FIR दर्ज की गई थी.
पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में शनिवार रात बेबी केयर सेंटर में आग लगने से 7 बच्चों की जलकर मौत हो गई. जब ये हादसा हुआ तब बेबी केयर सेंटर में 12 नवजात बच्चे थे. 5 बच्चों का इलाज चल रहा है. हादसे के बाद बेबी केयर सेंटर का मालिक डॉक्टर नवीन खिची फरार है. दिल्ली पुलिस डॉ. नवीन की तलाश में रेड कर रही है. बताया जा रहा है कि नवीन जयपुर में है. ये इनपुट मिलने के बाद पुलिस की टीम जयपुर के लिए रवाना हो गई है.
बता दें कि डॉ. नवीन खिची के बेबी केयर सेंटर का आपराधिक लापरवाही का इतिहास रहा है. 2021 में नवीन खिची एंड केयर- न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, विवेक विहार फेज वन के खिलाफ IPC की धारा 325, 506, 34 और किशोर न्याय अधिनियम (बच्चों की सुरक्षा और देखभाल) की धारा 75 के तहत FIR दर्ज की गई थी. इस FIR में नवीन खीची के खिलाफ नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने और केस हिस्ट्री में हेराफेरी करने का आरोप था.
ये एफआईआर हाथरस के एक दंपति द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिन्होंने अपने नवजात बच्चे को इस अस्पताल में भर्ती कराया था. दरअसल, अस्पताल में दंपति के बच्चे का बायां हाथ टूट गया था. जब दंपत्ति ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में देखा तो उन्हें पता चला कि एक नर्स उनके बच्चे को पीट रही थी, जिससे उसकी हड्डी टूट गई. जब दंपति ने इसकी शिकायत नवीन खीची से की तो कथित तौर पर उन्होंने दंपति को धमकी दी थी. इसके अतिरिक्त 2021 में जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दिल्ली नर्सिंग होम अधिनियम के तहत नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं था, लेकिन इस मामले में जुर्माना भरने के बाद निपटारा कर दिया गया था.
दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने कहा कि दिल्ली में बच्चों के अस्पताल में आग लगने की दुखद घटना की मुख्य सचिव से जांच कराने को कहा है. साथ ही पुलिस कमिश्नर को सभी चीजें सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं. मैं सभी को आश्वासन देता हूं और सुनिश्चित करूंगा कि दोषियों को सजा दी जाए.
हादसे के बाद उठ रहे ये सवाल
इस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. जैसे 7 बच्चों मासूम बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन? क्या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बेबी केयर सेंटर का निरीक्षण किया था? क्या सभी नॉर्म्स को पूरा करके ही सेंटर चलाने की इजाजत दी गई थी? क्या बेबी केयर सेंटर को फायर NOC मिली थी ? क्या लोकल पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था अवैध तरीके से ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफलिंग का काम? क्या लोकल पुलिस को कटिंग मिल रही था? इलाके के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक को बेबी केयर सेंटर में अवैध ऑक्सीजन की रिफलिंग की जानकारी थी, लेकिन लोकल पुलिस ने आंखें मूंद रखीं थीं.

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