
दवाओं से लेकर चमकते हीरों तक... ट्रंप के एक फैसले से कई सेक्टर खतरे में, टैरिफ से डगमगाया भारत-US व्यापार!
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भारत और रूस के रिश्ते पुराने और मजबूत हैं- तेल, गैस, स्टील, रेलवे, डिफेंस और दवाओं तक फैले हुए. मार्च 2025 तक दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार $68.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें रूसी कच्चा तेल भारत के कुल तेल आयात का एक-तिहाई से अधिक है.
व्हाइट हाउस ने भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाया है. वजह है रूसी तेल का आयात. इस कार्रवाई के निशाने पर हैं हीरे से लेकर फार्मास्यूटिकल्स जैसे अनेक प्रमुख निर्यात क्षेत्र. आइए इसे विस्तार से समझते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अगस्त से भारत से होने वाले आयात पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जो अब 7 अगस्त तक के लिए टल गया है. इसके पीछे उन्होंने भारत के रूस से तेल खरीदने और लंबे समय से लागू ऊंचे व्यापारिक शुल्कों को कारण बताया है.
यह क्यों अहम है?
यह कदम भारत के कई प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है- जैसे फार्मास्यूटिकल्स (दवाएं), हीरे, कपड़े, चाय और मसाले. भारत अमेरिका के साथ $45.7 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष (surplus) रखता है. यानी अमेरिका भारत से ज्यादा खरीदता है, और यही ट्रंप के निशाने पर है. नई शुल्क दरें दोनों देशों के अरबों डॉलर के व्यापार को प्रभावित कर सकती हैं और भारत को अपनी अमेरिकी व्यापार रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है.
आंकड़ों में:
$129.2 अरब डॉलर- भारत-अमेरिका कुल वस्तु व्यापार (2024)

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