
दरगाह अजमेर शरीफ में पाकिस्तानी जायरीनों ने चढ़ाई चादर, उर्स में शामिल होने आए हैं 240 लोग
AajTak
811वें वार्षिक उर्स समारोह के अवसर पर शनिवार को अजमेर शरीफ में हजरत ख्वाजा सैयद मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर पाकिस्तानी जायरीनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पारंपरिक चादर पेश की. पाकिस्तान के जायरीनों का ये जत्था 1 फरवरी तक अजमेर में रहेगा और उर्स के प्रोग्राम में शिरकत करेगा. उर्स में झंडा चढ़ाने की परंपरा अफगानिस्तान के बादशाह ने शुरू की थी.
राजस्थान के अजमेर में इस साल विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 811वें सालाना उर्स के मौके पर पाकिस्तान से 240 जायरीनों ने शिरकत की है. पाकिस्तान सरकार की ओर से जायरीनों ने ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की मजार पर मखमली चादर चढ़ाई. पाक जायरीनों का ये जत्था 9 दिन यहां रहकर गरीब नवाज के उर्स में हिस्सा लेगा. नई दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के प्रभारी सलमान शरीफ भी पाक सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए समारोह में शामिल हुए. इससे पहले पाक जायरीनों का जत्था आने पर अजमेर प्रशासन ने सभी के नाम सूचीबद्ध किए हैं. शहर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं.
यहां दरगाह में सैयद बिलाल चिश्ती और अंजुमन मोइनिया फखरिया चिश्तिया खुद्दाम साहिब के अन्य प्रमुख सदस्यों ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया. जायरीनों के चादर चढ़ाने के बाद विशेष पूजा-अर्चना की गई. बता दें कि हजरत मोइनुद्दीन चिश्ती सबसे सम्मानित सूफी संतों में से एक हैं. शांति, एकता, सहिष्णुता और सद्भाव के उनके मूल्य, शिक्षाएं और प्रैक्ट्रिस एक संदेश देते हैं और आज दुनिया के लिए आशा की किरण के रूप में काम करते हैं.
जायरीन ने पाक सरकार का जताया आभार
बाद में जायरीन ने चार्ज डी अफेयर्स के साथ एक अलग बैठक की और उनकी यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए पाकिस्तान सरकार और उच्चायोग का आभार व्यक्त किया. बताते चलें कि 1974 के भारत-पाकिस्तान प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तानी जायरीन सालाना उर्स मुबारक में हिस्सा लेते हैं. इस साल कुल 240 जायरीन आए हैं. ये सभी लोग 25 जनवरी से 1 फरवरी 2023 तक अजमेर शरीफ में रहकर उर्स में शिरकत करेंगे.
पीएम मोदी ने भी भेजी चादर
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर चादर पेश की गई थी. खादिम अफसान चिश्ती ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये चादर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को सौंपी है. देश में अमन-चैन का संदेश भी दिया गया है. जमाल सिद्दीकी ने इस संदेश को बुलंद दरवाजे से पढ़कर जायरीन को सुनाया. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से हर वर्ष दरगाह पर चादर पेश की जाती है.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?

जेल में बंद इमरान खान को लेकर पाकिस्तान सरकार ने बड़ा खुलासा किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के एक सहयोगी ने कहा है कि इमरान खान को दो बार डील पेशकश की गई. लेकिन इमरान ने इस डील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. नवाज शरीफ के करीबी रहे राणा सनाउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान सरकार इस समस्या का राजनीतिक समाधान चाहती है.

ब्रिटेन में शाही परिवार के सदस्य और प्रिंस चार्ल्स के भाई एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार कर लिया गया है. डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश पुलिस पूर्वी इंग्लैंड स्थित एंड्र्यू के घर पर पहुंची. सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म के आसपास छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और आठ सादे कपड़ों में अधिकारी देखे गए. थेम्स वैली पुलिस फरवरी में उन आरोपों की जांच कर रही थी जिनमें दावा किया गया था कि माउंटबेटन-विंडसर ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज दिए थे.

पाकिस्तान एक बार फिर से अफगानिस्तान पर हमले का बहाना ढूंढ़ रहा है. PAK ने अफगानिस्तान को कूटनीतिक मैसेज देते हुए खुलेआम कहा है कि उसे TTP या दूसरे किसी भी ग्रुप को जवाब देने और उसे खत्म करने का अधिकार है. पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक भाषा के लिए सोमवार को हुए हमले को आधार बनाया है, जब उसके 11 सैनिक मर गए थे.

तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बीएनपी सरकार ने घोषणा की है कि बांग्लादेश सभी देशों, खासकर पड़ोसियों के साथ संप्रभु समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर संबंध रखेगा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' को विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत बताया और द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा के संकेत दिए.








