
त्रिपुरा: डीएम शैलेश यादव सस्पेंड, नाइट कर्फ्यू के दौरान शादी में काटा था बवाल
AajTak
जिलाधिकारी शैलेश यादव के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. ये वीडियो डीएम द्वारा मैरिज हॉल पर की गई कार्रवाई के दौरान के थे. डीएम कोरोना महामारी के इस समय में आयोजित शादी समारोह में शामिल लोगों द्वारा कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किए जाने पर भड़क गए थे.
त्रिपुरा के पश्चिमी त्रिपुरा जिले के जिलाधिकारी शैलेश कुमार यादव को सस्पेंड कर दिया गया है. उन पर शादी समारोह में बवाल करने के आरोप लगे थे. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था. वीडियो में वह शादी में शामिल मेहमानों से बदसलूकी करते नजर आए थे. इलाके में गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर उन्होंने दो मैरिज हॉल को सील भी करने को कहा था. साथ ही डीएम ने पुलिस को महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और रात के कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए दूल्हा और दुल्हन समेत शादी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









