
'...तो आज भाजपा में होते', बिहार चुनाव से जुड़े सवाल पर कन्हैया कुमार ने क्यों कहा ऐसा?
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बिहार में कांग्रेस का युवा चेहरा माने जाने वाले कन्हैया कुमार ने कहा है कि पिछले पांच साल में मेरी पार्टी बदल गई है, लड़ाई नहीं बदली है. पार्टी बदली है, लेकिन विचारधारा में बदलाव नहीं हुआ है.
बिहार की राजधानी पटना में आजतक के कार्यक्रम पंचायत आजतक के मंच पर गुरुवार को कांग्रेस के युवा नेता और राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रभारी कन्हैया कुमार भी पहुंचे. 'बिहार में कांग्रेस कितनी असरदार' सेशन में कन्हैया ने महागठबंधन में सीटों की खींचतान से लेकर तेजस्वी यादव के साथ अपनी केमिस्ट्री तक, सभी सवालों के बेबाकी से जवाब दिए.
कन्हैया कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पांच साल में केवल इतना ही बदला है कि पार्टी बदल गई है, लड़ाई नहीं बदली. उन्होंने कहा कि 2020 में हम सीपीआई में थे, तब भी कांग्रेस और आरजेडी के लिए प्रचार किए थे. इस बार कांग्रेस में हैं और इस बार भी सभी के लिए प्रचार करेंगे. पार्टी बदली है, लड़ाई नहीं बदली है. कन्हैया कुमार ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, विचार नहीं बदले हैं तो तरीका नहीं बदलता.
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि विचार बदल दिए होते न, तो कांग्रेस में नहीं गए होते, आज बीजेपी में होते. हम टिकट के लिए इधर-उधर नहीं होते. हम तो टिकट बांट रहे हैं आजकल. सीट शेयरिंग और नामांकन दाखिले को लेकर सवाल पर कन्हैया कुमार ने कहा कि शाम को जोड़कर बताएंगे कि अब तक कितने उम्मीदवारों ने नामांकन कर दिए हैं. हमारे उम्मीदवार नामांकन कर हे हैं. उन्होंने कहा कि कमिटमेंट कर दिए थे कि यहां आएंगे. नहीं तो हम अभी किसी की नॉमिनेशन रैली में होते.
कन्हैया ने एक सवाल पर कहा कि पहली बार कमिटमेंट किए थे, तब पूरा नहीं किया था. यह भी एक लर्निंग है. जब कोई कमिटमेंट पूरी नहीं कर पाते, तब दुख होता है और इसके बाद यह तय करते हैं कि जीवन में हर कमिटमेंट पूरा करेंगे. एक सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरी किसी से कोई फाइट नहीं है. व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए राजनीति में नहीं हूं. डरने वाला आदमी नहीं हूं, घबराना मुझे आता नहीं है.
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