
तालिबान पर क्यों भड़के बिलावल भुट्टो? कहा- यह कदम इस्लाम के खिलाफ
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने तालिबानी शासकों की ओर से अफगानी महिलाओं पर किए जा रहे अत्याचारों की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि तालिबान ने महिलाओं के अधिकार को प्रतिबंधित कर दुनिया भर के मुसलमानों को निराश किया है. उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान का यह कदम इस्लाम के खिलाफ है.
अफगानिस्तान में जारी तालिबानी क्रूरता पर पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने तालिबान पर निशाना साधा है. बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में 'वुमेन इन इस्लाम' पर आयोजित एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा कि चरमपंथियों ने महिलाओं के शिक्षा और काम के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाकर इस्लाम धर्म की छवि को खराब किया है. उन्होंने कहा कि इस्लाम महिलाओं को जीवन के सभी क्षेत्रों में कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रोत्साहित करता है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कहा, "पाकिस्तान और अन्य ओआईसी (इस्लामिक सहयोग संगठन) देश महिलाओं और लड़कियों के मानवाधिकारों विशेष रूप से शिक्षा और काम के अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंधों पर गहरी निराशा व्यक्त करता है. तालिबान का यह कदम इस्लाम के प्रतिबंधों के विपरीत है."
उन्होंने कहा, "मैं अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार से आग्रह करता हूं कि इन प्रतिबंधों को खत्म करे और अफगानिस्तान की महिलाओं को अपने देश के विकास और प्रगति में अपना पूर्ण और अमूल्य योगदान देने दें."
पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार 'डॉन' के मुताबिक, यूएन के इस सम्मेलन में बिलावल भुट्टो पाकिस्तान के अलावा ओआईसी की मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष के रूप में संगठन के सभी सदस्य देशों के लिए भी बोल रहे थे. 57 सदस्य देशों का संगठन ओआईसी संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरा सबसे बड़ा अंतर सरकारी संगठन है.
पश्चिमी देशों पर साधा निशाना
पश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चमी देशों की नजरों में मुस्लिम महिलाओं की छवि हमारे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक मानदंडों और मुस्लिम समाज में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिकाओं से परे है.

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