
ईरान जंग के बीच क्या खिचड़ी पका रहा पाकिस्तान? सऊदी-तुर्की के बाद मिस्र को भी साधने की कोशिश
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मिडिल ईस्ट जंग के बीच तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र और पाकिस्तान पहली बार रक्षा सहयोग को लेकर एक साथ आए हैं. इन देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने और बाहरी ताकतों पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया है.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब सिर्फ संघर्ष नहीं, बल्कि नए समीकरण भी बना रही है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब मुस्लिम देशों में एक नई एकजुटता देखने को मिल रही है. सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुए एक अहम बैठक में तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने पहली बार मिलकर रक्षा सहयोग पर गंभीर चर्चा की.
इस बैठक में यह समझने की कोशिश की गई कि ये देश अपनी-अपनी ताकतों को कैसे जोड़ सकते हैं, ताकि क्षेत्र की सुरक्षा खुद संभाली जा सके. तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने साफ कहा, "हमें यह तय करना होगा कि या तो हम खुद मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान करें, या फिर कोई बाहरी ताकत आकर अपने हितों के हिसाब से फैसले थोपे."
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तुर्की के विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा, "अब समय आ गया है कि क्षेत्र के देश एक साथ बैठें, बात करें और अपने समाधान खुद तैयार करें."
पाकिस्तान-सऊदी के साथ रक्षा समझौता चाहता है तुर्की
तुर्की पिछले एक साल से पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ एक रक्षा समझौते की कोशिश कर रहा है. अब इसमें मिस्र को भी शामिल करने की पहल की गई है. हालांकि यह गठबंधन नाटो जैसा नहीं होगा, बल्कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा, जहां रक्षा उद्योग, टेक्नोलॉजी और सैन्य सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.

ईरान जंग शुरु होते ही पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया. जनता के गुस्से को शांत करने के लिए शहबाज-मुनीर ने पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने का दांव खेला पाकिस्तान के लोगों का ही दावा है कि विदेशी मीडिया से पाकिस्तान के मध्यस्थ होने को लेकर खबरें छपवाईं. लेकिन ईरान ने पाकिस्तान हकीकत उसका होर्मुज से जहाज रोककर बता दी. अब पाकिस्तान के लोग ही पूछ रहे हैं कि जब हमारा एक जहाज होर्मुज पार नहीं कर सकता. तो हम मध्यस्थ क्या खाक बनेंगे.

इजरायल ने ईरान के इस्फहान स्थित नौसैनिक रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसकी पनडुब्बी निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. यह केंद्र नौसेना के लिए पनडुब्बियों और सिस्टम विकसित करने का प्रमुख ठिकाना था. इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वे ईरान से बातचीत कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट की उसके साथ संयुक्त निगरानी करेंगे. एक महीने से ईरान पर कहर बरपा रहे ट्रंप पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है. दुनियाभर के मीडिया आउटलेट्स ये कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप की तैयारी होर्मुज स्ट्रेट पर बड़े हमले की है. जहां ईरान ने नाकाबंदी की हुई है.










