
तंत्र-मंत्र की आड़ में पोते का कत्ल, शव के टुकड़े-टुकड़े कर फेंका... प्रयागराज में दादा की दिल दहलाने वाली करतूत
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परिवार पर काला साया हटाने के नाम पर एक शख्स ने अपने ही पोते की बलि चढ़ा दी. महज 17 साल का पीयूष मंगलवार सुबह स्कूल के लिए घर से निकला था, लेकिन कुछ घंटे बाद उसकी लाश टुकड़ों में बंटी हुई हालत में मिली. इंडस्ट्रियल एरिया में बोरी से बरामद धड़ की पहचान पीयूष के रूप में हुई.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 11वीं के छात्र पीयूष उर्फ यश की हत्या ने पूरे शहर को हिला दिया. मासूम का कत्ल किसी रंजिश या लूट के लिए नहीं बल्कि तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की आड़ में किया गया. कातिल कोई बाहरी नहीं बल्कि रिश्ते का दादा निकला. उसने अपने ही घर के मंदिर में पीयूष की बलि दी और फिर लाश के टुकड़े-टुकड़े कर ठिकाने लगाने की कोशिश की. आरोपी इस वक्त पुलिस की गिरफ्त में है.
पुलिस ने रविवार को आरोपी को उकसाने वाले तांत्रिक को भी गिरफ्तार कर लिया. उसकी पहचान मुन्ना लाल (45) के रूप में हुई है. पूछताछ में उसने खौफनाक खुलासा किया. उसने कबूल किया कि उसने ही मुख्य आरोपी शरण सिंह को समझाया था कि उसके घर पर पीयूष के पिता का काला साया है. उससे छुटकारा पाने के लिए पीयूष की बलि चढ़ाकर उसके शव के टुकड़े-टुक़ड़ करके आसपास फेंकने होंगे.
26 अगस्त की सुबह पीयूष रोज की तरह स्कूल के लिए निकला, लेकिन रास्ते से अचानक लापता हो गया. परिवार तलाश में जुटा ही था कि दोपहर में सूचना मिली कि इंडस्ट्रियल एरिया में बोरी से एक इंसानी धड़ बरामद हुआ है. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. इलाके के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई.
अंधविश्वास ने करवाया पोते का कत्ल
करीब 200 सीसीटीवी फुटेज स्कैन करने के बाद पुलिस की नजर एक स्कूटी पर गई. यह स्कूटी सादियापुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर शरण सिंह की थी. जब उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने खौफनाक सच उगल दिया. सामने आई कत्ल की वो कहानी जिसने सभी को दहला दिया. शरण सिंह रिश्ते में पीयूष का चचेरा दादा था. कुछ समय पहले उसकी बेटी और बेटे ने आत्महत्या कर ली थी.
पीयूष की दादी पर टोना-टोटका का शक

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