
ड्रग सप्लाई में कई देश आगे, फिर भी ट्रंप की निगाह वेनेजुएला पर, क्या असली खेल कुछ और है?
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कुछ महीनों पहले अमेरिकन्स कई अलग-अलग मुद्दों पर सोच-बता रहे थे, वेनेजुएला इस लिस्ट में नहीं था. फिर अचानक कुछ घटा. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि वेनेजुएला की नावों को उड़ा देना चाहिए. कुछ ही समय बाद खबर आई कि अमेरिकी फोर्स ने उसकी कई बोट्स को वाकई उड़ा दिया. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इसे नार्कोटेररिज्म कहा.
सबसे ताकतवर मुल्क होकर भी अमेरिका छुटपुट देशों को डराता-धमकाता रहा. उसका कहना है कि दुनिया के तमाम देश किसी न किसी तरह से उसकी कुर्सी हिलाना चाहते हैं. फिलहाल वो वेनेजुएला पर हमलावर है. यूएस फोर्स लगातार वेनेजुएला की समुद्री सीमा पर आक्रमण करते हुए नावों को डुबा रही हैं. अमेरिका का कहना है कि इन बोट्स के जरिए ड्रग तस्करी होती है. हालांकि अब तक नशे की कोई खेप सार्वजनिक नहीं की गई.
यहां दो खेमे हो चुके. आलोचकों का कहना है कि नशे की आड़ में ट्रंप कोई और हित साध रहे हैं, जैसे वेनेजुएला में अपनी पसंद की सरकार लाकर वहां के मिनरल्स में हिस्साबांट करना. वहीं ट्रंप समर्थकों का कहना है कि अमेरिकी युवा ड्रग ओवरडोज के चलते खत्म हो रहे हैं. ऐसे में वेनेजुएला ही क्यों, उन तमाम देशों पर कार्रवाई होगी, जो उनकी सीमा तक नशा भेज रहे हैं.
यहां कई सवाल आते हैं
- क्या अमेरिका में वाकई ड्रग ओवरडोज से मौतें आम हो चुकीं. - क्या इस देश में नशे की सबसे ज्यादा सप्लाई होती है. - कौन से देश कथित तौर पर ड्रग सप्लायर बने हुए हैं. - क्या वाकई ये नार्कोटेररिज्म है, जिससे यूएस कमजोर पड़ जाए.
कितना गंभीर है यूएस पर खतरा
अमेरिका में ड्रग ओवरडोज से होने वाली मौतें पहले से कहीं ज्यादा हो चुकीं, जबकि ये देश इस मामले में पहले ही कुख्यात रहा. पिछले कुछ सालों से हर साल लगभग एक लाख लोग ड्रग ओवरडोज खत्म हो रहे हैं. सिंथेटिक ड्रग्स से सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं. यह कहना खुद यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का है. गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि रोड हादसों से भी ज्यादा मौतें नशे की वजह से हो रही हैं. छोटे छोटे शहरों और कस्बों तक नशा पसर चुका.

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