
डॉक्टरों पर हमलों के खिलाफ IMA करेगा मुल्कगीर प्रोटेस्ट, 18 जून को मनाएगा 'विरोध प्रदर्शन दिवस'
Zee News
पिछले दिनों बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक समेत कई रियासतों में कोरोना वार्ड में काम कर रहे डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों साथ मारपीट और बदसलूकी की घटनाएं सामने आई हैं.
नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने डॉक्टरों पर हो रहे हमलों के खिलाफ 18 जून को प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया है और इस प्रोटेस्ट नारा 'रक्षकों को बचाओ' होगा. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि मुल्क भर में अपनी सभी रियासती और मकामी शाखाओं से काली पट्टी, मास्क, रिबन, शर्ट (सभी काले रंग का) पहनकर प्रोटेस्ट करने और हेल्थ से जुड़े मुलाज़िमों को निशाना बनाकर की जाने वाली हिंसा के खिलाफ बेदारी मुहिम चलाने की अपील की गई है. IMA के सदर डॉ जेए जयलाल ने कहा कि IMA की वर्किंग कमेटी ने तमाम पहलुओं पर गौर करने के बाद डॉक्टरों पर हुए हमलों के खिलाफ 18 जून को मुल्कगीर प्रदर्शन करने का फैसला किया है. जिसका नारा 'रक्षकों को बचाओ' होगा.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








