
डाइजेशन को बदतर कर सकती है आपकी ये स्लीपिंग पोजीशन, जानें सही तरीका
AajTak
हर व्यक्ति का सोने का अपना अलग तरीका होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं स्लीपिंग पोजीशन (Best sleeping position) के कारण आपकी डाइजेस्टिव हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है. तो आइए जानते हैं किस पोजीशन में सोना आपकी डाइजेस्टिव हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है.
भले ही आप किसी भी तरह सोते हों, आपके सोने की पोजीशन डाइजेस्टिव हेल्थ को प्रभावित करती है. जब आप सो रहे होते हैं, तो आपका दिमाग और शरीर दिन भर आपकी ओर से खाए गए खाने और ड्रिंक्स को पचाने का काम करता है. आपकी ओर से खाई जाने वाली चीजें और आपकी सोने की पोजीशन दोनों ही आपकी स्लीप क्वॉलिटी और खाना डाइजेस्ट करने की स्पीड को प्रभावित करती हैं. ऐसे में आज हम आपको सोने की सही पोजीशन के बारे में बताने जा रहे जिससे आपका डाइजेशन इंप्रूव हो सकता है.
नींद डाइजेशन को कैसे प्रभावित करती है
खाना खाने के बाद जब आप सोते हैं तो आपका डाइजेशन प्रोसेस काफी स्लो हो जाता है. सोने के बाद हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम खाना पचाने के लिए 30 से 72 घंटे का समय लेता है. डाइडेशन का टाइम इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप क्या खा रहे हैं, पी रहे हैं और आपका मेटाबॉलिज्म कैसा है. डाइजेशन जब सही तरीके से होता है तो आपको कुछ पता नहीं चलता लेकिन जब यह सही से काम नहीं कर पाता को आपको हार्टबर्न, एसिडिटी और कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
ये चीजें भी आपकी नींद में खलल डाल सकती हैं जैसे-
- सोने से कुछ देर पहले ही खाना - ओवरईटिंग - मसालेदार भोजन करना - शराब और कैफीन का सेवन - हाई- कार्ब्स मील्स
जब आप कम नींद लेते हैं तो उससे आपके पेट पर बुरा असर पड़ता है. इससे ब्लड लेवल में कोर्टिसोल 40 फीसदी तक बढ़ जाता है, यह एक स्ट्रेस हार्मोन होता है जो आपके मेटाबॉलिज्म को स्लो कर देता है. साथ ही इससे आपकी भूख और फूड क्रेविंग 33 फीसदी तक बढ़ सकती है.

Shaddi-Vivah Shubh Muhurat 2026: साल 2026 उन लोगों के लिए खास रहने वाला है जो विवाह की तैयारी में हैं. देवशयनी एकादशी से पहले कई महीनों तक लगातार शुभ मुहूर्त मिलेंगे, वहीं चातुर्मास के बाद देवउठनी एकादशी से फिर से विवाह का शुभ दौर शुरू होगा. तो आइए जानते हैं कि साल 2026 शादी-विवाह के लिए कितने मुहूर्त रहने वाले हैं.












