
डब्ल्यूएफआई यौन उत्पीड़न: फिज़ियो ने कहा- 2014 में लड़कियों ने बृजभूषण द्वारा शोषण की शिकायत की थी
The Wire
जंतर-मंतर पर पदक विजेता पहलवानों के प्रदर्शन के बीच कुश्ती महासंघ से जुड़े एक फिज़ियोथेरेपिस्ट ने बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों का समर्थन करते हुए बताया कि साल 2014 में लखनऊ में आयोजित एक नेशनल कैंप में कुछ जूनियर खिलाड़ियों पर 'दबाव डाला गया और रात में बृजभूषण से मिलने को कहा गया था.'
नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह द्वारा महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किए जाने को लेकर पहलवान फिर दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं. खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है कि शिकायतकर्ताओं पर दबाव डाला जा रहा है. डब्ल्यूएफआई अधिकारी उनके घर जाकर पैसे की पेशकश कर रहे हैं. As athletes, we train hard every day to represent our country on the international stage. It is deeply concerning to see our athletes finding it necessary to protest on the streets regarding the allegations of harassment in the Indian wrestling administration. My heart goes out…
इस बीच, साल 2014 में लखनऊ में एक नेशनल कैंप में मौजूद फिजियोथेरेपिस्ट परमजीत मलिक ने भी इन खिलाड़ियों का साथ देते हुए बताया है कि उक्त कैंप में उन्हें कम से कम तीन जूनियर महिला पहलवानों ने बताया था कि उन पर ‘दबाव’ डाला गया और ‘रात में बृजभूषण से मिलने को कहा गया.’ — Abhinav A. Bindra OLY (@Abhinav_Bindra) April 26, 2023
जंतर-मंतर पर मौजूद परमजीत मलिक ने कहा कि इस बारे में अपने सीनियर्स को बताते हुए लड़कियां रोया करती थीं. परमजीत ने यह भी जोड़ा कि उन्होंने इस बारे में महिला कोच कुलदीप मलिक को बताया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए परमजीत ने कहा कि वे फरवरी में मामले की जांच के लिए खेल मंत्रालय द्वारा गठित निगरानी समिति के सामने दो बार पेश हुए थे और उन्होंने 2014 की घटना वहां बताई थी.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.




