
'ठेकेदारी में हिस्सेदारी का झगड़ा, इसलिए नहीं बिछ पाई पाइपलाइन', इंदौर मामले में जीतू पटवारी का बड़ा हमला; कैलाश विजयवर्गीय को बर्खास्त करने की मांग
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Indore Contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा जल त्रासदी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पटवारी ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी.
मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई यानी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों ने सियासत में उबाल ला दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस त्रासदी को 'सरकारी हत्या' करार देते हुए भाजपा सरकार को भ्रष्टाचार और अहंकार के कटघरे में खड़ा किया है. पटवारी ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस इस मामले में न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी.
aajtak से खास बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा, "आज तक जहरीली शराब से मौतें सुनी थीं, लेकिन भाजपा राज में अब लोग 'जहरीला पानी' पीकर मर रहे हैं. यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सरकारी हत्या है."
उन्होंने दावा किया कि भागीरथपुरा में नई पाइपलाइन के टेंडर 2022 में ही हो गए थे. लेकिन 'कमीशन' के झगड़े और किसे कितना हिस्सा मिलेगा इस विवाद के कारण पाइपलाइन नहीं बिछाई गई.
पटवारी के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2017 में ही रिपोर्ट दे दी थी कि पानी दूषित है, लेकिन सत्ता के अहंकार में प्रशासन सोता रहा.
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जीतू पटवारी ने इस घटना के लिए चार मुख्य लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की है कि कैलाश विजयवर्गीय तत्काल कैबिनेट मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए. इसके अलावा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर एफआईआर दर्ज की जाए और नगर निगम आयुक्त समेत स्थानीय पार्षद पर आपराधिक मामला चलाया जाए.

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