
ट्रंप 2.0 राज में क्या है ट्रंप से सर्मथकों को उम्मीदें? वॉशिंगटन से अंजना ओम कश्यप की ग्राउंड रिपोर्ट
AajTak
आज तक की टीम वॉशिंगटन डीसी में ग्राउंड जीरो पर है. अमेरिका ट्रंप की ताजपोशी के लिए तैयार है. हर गुजरते पल के साथ ट्रंप समर्थकों का जोश बढ़ रहा है. खून जमा देने वाली कड़ाके की ठंड के बीच ट्रंप समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर जश्न मना रहे हैं.
अमेरिका इस समय अपने नए राष्ट्रपति की शपथ की तैयारियों में जुटा हुआ है. इसे लेकर वॉशिंगटन में कड़ी सिक्योरिटी है. थोड़ी देर में ट्रंप देश के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर पद की शपथ लेंगे.
आज तक की टीम वॉशिंगटन डीसी में ग्राउंड जीरो पर है. अमेरिका ट्रंप की ताजपोशी के लिए तैयार है. हर गुजरते पल के साथ ट्रंप समर्थकों का जोश बढ़ रहा है. खून जमा देने वाली कड़ाके की ठंड के बीच ट्रंप समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर जश्न मना रहे हैं.
ऐसा लग रहा है कि वॉशिंगटन में सड़कों पर ट्रंप के समर्थन में विक्ट्री परेड हो रही है. यहां बड़ी संख्या में ट्रंप समर्थकों का हुजूम मौजूद है. यह पूछने पर ट्रंप के सत्ता में लौटने से उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आने वाला है? इस पर एक ट्रंप समर्थक में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था स्थिर होगी. इकोनॉमी सुधरेगी जिसकी वजह के मैं बड़ा घर खरीद सकूंगा.
वॉशिंगटन में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आए हैं. बारिश भी हो रही है. बारिश के बीच लोगों का उत्साह बना हुआ है. यहां राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के नारे MAGA यानी मेक अमेरिका ग्रेट अगेन की कैप और अन्य मर्चेंडाइज भी खूब बिक रहे है. यहां हर जगह 45-47 लिखा नजर आ रहा है, जिसका मतलब है कि ट्रंप देश के 45वें राष्ट्रपति भी थे और 47वें राष्ट्रपति भी हैं.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में अब तेल-गैस के ठिकानों पर हमले से तनाव बढ़ गया है. पूरे दुनिया पर ऊर्जा का संकट बढ़ता जा रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल के बाजार में पहले ही उथल-पुथल मची है. अब दोनों ओर से ताजा हमलों से पूरी दुनिया महंगाई के बड़े संकट की ओर बढ़ती जा रही है. देखें लंच ब्रेक.

चाहे हालात शांति के हों या युद्ध जैसे तनावपूर्ण, जिंदगी कभी नहीं रुकती, इसकी मिसाल लेबनान में देखने को मिली. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच यहां दुनिया के अलग-अलग देशों से आए हजारों लोग, जो काम के सिलसिले में लेबनान में रह रहे हैं, उन्होंने इजरायली हमलों और तमाम चुनौतियों के बावजूद ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया. संघर्ष और अनिश्चितता के बीच भी लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं.

होर्मुज को लेकर तनातनी जारी है. इस बीच छह देशों ने एक बयान जारी किया है ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और नीदरलैंड्स ने कहा है कि वे हॉर्मुज़ में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं. हालांकि, इटली, जर्मनी और फ्रांस ने बाद में स्पष्ट किया कि वे तत्काल किसी सैन्य सहायता की बात नहीं कर रहे हैं. इन देशों ने क्या शर्त रखी है. जानें.

ईरान ने 66वें राउंड का हमला शुरू कर दिया है. ईरान ने मिसाइलों के जरिए इजरायल पर 66वें राउंड के हमले किए हैं. इधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बहुत बड़ा दावा किया है .IRGC ने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमले का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. दावे के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को काफी नुकसान पहुंचा है. देखें 9 बज गए

ईरान ने सोचा था कि वो सिर्फ अपने जज्बे और कुछ मिसाइलों और ड्रोन के भरोसे जंग जीत लेगा. इसी ओवर-कॉन्फिडेंस वो मात खाता जा रहा है, जब उसके एक के बाद एक बड़े नेता ताबूत में बंद होते दिखाई दे रहे हैं. ईरानी जज्बे का मुकाबला इजरायली इंटेलिजेंस यानी दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से है. वो नेटवर्क जो ईरानी नेताओं के बेडरूम तक घुसा हुआ है.








