
ट्रंप के बड़बोलेपन को मोदी का करारा जवाब, टैरिफ के जरिये दिया बड़ा संदेश
AajTak
राष्ट्र के नाम संदेश में पीएम मोदी ने डोनॉल्ड ट्रंप का नाम तक नहीं लिया. जबकि पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने सीजफायर कराने के लिए ट्रंप की भूरी भूरी प्रशंसा की थी. लेकिन, ताजा खबर ये है कि भारत अमेरिका से आने वाली वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला करने जा रहा है. जाहिर है ट्रंप और मोदी में तलवारें ठन सकती हैं.
कल रात यानी कि सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कई ऐसी बातें की जो सीधे सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप को जरूर चुभी होंगी. पर मंगलवार की सुबह जो खबर मिल रही है निसंदेह ये ट्रंप को पसंद नहीं आने वाला है. दिन रात टैरिफ बढ़ाने की बात करने वाले ट्रंप को अमेरिका से भारत आने वाली कई वस्तुओं पर भारत का टैरिफ बढ़ाने का आइडिया निश्चित तौर पर पसंद नहीं आएगा.
दरअसल भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) को एक नोटिस के माध्यम से सूचित किया है कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका (US) से आयातित एल्यूमिनियम, स्टील और इनके डेरिवेटिव उत्पादों पर रियायतों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखता है. इसका मतलब है कि भारत इन उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने की योजना बना रहा है. यह कदम भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव को दर्शाता है और जो वैश्विक व्यापार नियमों के तहत उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है. हालांकि ये फैसले रातों-रात तो नहीं होंगे पर ट्रंप को नाराज करने के लिए काफी हैं. सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन वाली मोदी की स्पीच भी उन्हें जरूर देखने को मिल गई होगी. सवाल ये उठता है कि क्या मोदी ये सब जानबूझकर कर रहे हैं? क्या वो ट्रंप को कोई संदेश देना चाहते हैं?
ट्रंप ने कैसे भारत और पाकिस्तान को एक तराजू पर तौला
जिन लोगों ने भी सोमवार शाम 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए सुना होगा उन्हें एक बात जरूर समझ में आ गई होगी कल PM अलग अंदाज में थे. मोदी कल अपने भाषण में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान ही नहीं दुनिया के ताकतवर देशों को भी संदेश दे रहे थे. 10 मई को सीजफायर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिस तरह भारत और पाकिस्तान को एक तराजू पर तौलने की कोशिश की थी वो शायद पीएम मोदी को रास नहीं आया है. ट्रंप ने न केवल भारत और पाक बल्कि मोदी और शहबाज शरीफ को भी बराबर आंकने की गलती की. ट्रंप ने जनता से तीसरी बार चुनकर पीएम बने इतने बड़े देश के नेता की तुलना शहबाज जैसे इंसान से की जो देश की ही पहली पसंद है और न ही अपनी पार्टी का. पाक सेना की कठपुतली नेता की तुलना एक जनता से चुनकर आए प्रतिनिधि से करने की जुर्रत बताता है कि ट्रंप या तो नादान हैं या जानबूझकर टीज करने वाली हरकत कर रहे हैं. पर भारतीय प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों जिस तरह उनके साथ व्यवहार किया उसे जैसे को तैसा कहना न्यायोचित कहा जाएगा. राष्ट्र के नाम संदेश में पीएम मोदी ने डोनॉल्ड ट्रंप का नाम तक नहीं लिया. जबकि पाकिस्तानी पीएम शहबाज ने सीजफायर कराने के लिए ट्रंप की भूरि भूरि प्रशंसा की थी. इतना ही नहीं पीएम मोदी ने बिना ट्रंप का नाम लिए कई ऐसी बातें कीं जो सीधे सीधे अमेरिका को नागवार गुजरी होंगी. ये सब तो था ही आज मंगलवार को एक और खबर आई जिसमें भारत अमेरिका से आने वाली वस्तुओं पर टैरिफ बढाने का फैसला करने जा रहा है. जाहिर है ट्रंप और मोदी में तलवारें ठन सकती हैं.
ट्रंप की भारत-पाक के बीच चौधरी बनने की कोशिश
दरअसल पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप दोनों ने कई मौकों पर खुद को एक दूसरे को दोस्त बताते रहे हैं. पर भारत-पाकिस्तान युद्धविराम (10 मई 2025) की घोषणा के बाद अपने बयानों में भारत और पाकिस्तान को समान स्तर पर रखने की कोशिश की. जिसे कई भारतीय विश्लेषकों और राजनेताओं ने आपत्तिजनक माना.

लंदन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने एक नाबालिग सिख लड़की का यौन शोषण किया. घटना का पता लगते ही सिख समुदाय भड़क उठा. अब लंदन की सड़कों पर उनका प्रोटेस्ट जारी है. लंदन समेत पूरे ब्रिटेन में सिखों की अच्छी-खासी आबादी है. सामाजिक-आर्थिक तौर पर भी यह समुदाय औसत ब्रिटिश नागरिकों से बेहतर स्थिति में है. फिर कनाडा की बजाए ये देश उतना लोकप्रिय क्यों नहीं?

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में बीच पर जश्न मना रहें यहूदियों पर दो हमलावरों ने जबरदस्त फायरिंग की. इस हमले में कई लोगों की मौत की जानकारी है वहीं कई घायल है. ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने इस हमले को आतंकी हमला घोषित किया. हमले के दौरान बॉन्डी बीच पर इंग्लैंड के पूरिव क्रिकेटर माइकल वॉन समेत 2 हजार लोग मौजूद थे.

ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारी खामनेई के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं. वे लगातार शाह शासन को लौटाने की मांग कर रहे हैं. कई प्रदर्शनकारी शाह के शासनकाल वाले राष्ट्रीय ध्वज को लहराते नजर आए हैं. इस बीच ईरान की सत्ता ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ सजा देने का सिलसिला शुरू करने की ठान ली है. जिसे लेकर ट्रंप ने चेतावनी दी है.

2023 में कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी सोने की चोरी का मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है. लगभग 165 करोड़ रुपये की चोरी में मुख्य आरोपी प्रीत पनेसर, जो एयर कनाडा में मैनेजर था, पर सोने से भरे कंटेनरों को एयर कार्गो सिस्टम के जरिए चोरी करने का आरोप है. कनाडा ने भारत से पनेसर के प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग की है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ को लेकर फैसला टल गया है. अगर कोर्ट का निर्णय पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ आया तो इससे अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद हो सकता है. मार्च से अबतक जो भी टैरिफ अमेरिकी सरकार ने वसूला है उसे वापस करना पड़ सकता है. इसलिए इसका असर न केवल अमेरिका पर बल्कि पूरी दुनिया पर भी होगा. इस फैसले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.

स्थान लंदन का एक वीवीआईपी इलाका है. एरिया 22 हजार वर्ग मीटर और कीमत 27 अरब 32 करोड़ रुपये. इस जगह पर चीन अपना एक भव्य दूतावास बनाना चाहता है. लेकिन जैसा कि चीन के हर प्रोजेक्ट में शक की गुंजाइश होती है, ऐसा ही यहां भी हो रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इस दूतावास में चीन 208 गुप्त कमरे भी बना रहा है. क्या होगा इन 208 खुफिया कमरों में.

सोशल मीडिया पर कम से कम 12 वीडियो सामने आए हैं, जिनमें देश के अलग-अलग हिस्सों के मुर्दाघरों में बड़ी संख्या में शव दिखाई दे रहे हैं. ये वीडियो एक ऐसे ईरानी नागरिक द्वारा पोस्ट किए गए हैं, जो दावा करता है कि वह हाल ही में ईरान से बाहर निकला है. इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने इन वीडियो की विजुअल क्लूज जांचे और लोकेशन की पहचान तेहरान के काहरिज़क फॉरेंसिक मेडिसिन सेंटर के रूप में की.

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना ने बहावलपुर में आतंकी संगठनों के साथ एक बड़ी गुप्त बैठक की. इस बैठक में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के 'सेकंड जेनरेशन' यानी अगली पीढ़ी के कमांडरों ने हिस्सा लिया. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद और मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ जैसे नए चेहरों को आतंकी नेटवर्क की कमान सौंपकर उन्हें भारी फंडिंग दी जा रही है.





