
ईरान में प्रदर्शन को दबाने वाले अधिकारियों पर एक्शन, अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध
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अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के आरोप में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और तेल से जुड़े शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन नेटवर्कों के जरिए अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी. कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की अधिकतम दबाव नीति का हिस्सा है.
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के आरोप में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और उनसे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को इसकी घोषणा की. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब ईरान में इस्लामिक गणराज्य के इतिहास के सबसे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ये प्रतिबंध राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर लगाए गए हैं. उन्होंने बयान में कहा कि अमेरिका स्वतंत्रता और न्याय की मांग कर रहे ईरानी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है. ट्रेजरी के अनुसार, जिन अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को अंजाम दिया और तेल से होने वाली अरबों डॉलर की कमाई को गुप्त तरीकों से इधर-उधर किया.
प्रदर्शनों के दमन के आरोप में ईरानी अधिकारियों पर अमेरिकी प्रतिबंध
प्रतिबंधों की सूची में ईरान की सुप्रीम काउंसिल फॉर नेशनल सिक्योरिटी के सचिव अली लारीजानी का नाम भी शामिल है. वॉशिंगटन का आरोप है कि लारीजानी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई का समन्वय किया और बल प्रयोग के निर्देश दिए. इसके अलावा ईरान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों और रिवोल्यूशनरी गार्ड के चार क्षेत्रीय कमांडरों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. इन पर लोरेस्तान और फार्स प्रांतों में कार्रवाई का नेतृत्व करने का आरोप है.
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि फार्स प्रांत में सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की. हालात इतने गंभीर थे कि अस्पताल गोली लगने से घायल लोगों से भर गए और अन्य मरीजों को भर्ती तक नहीं किया जा सका.
अली लारीजानी समेत सुरक्षा बलों के कमांडरों पर कार्रवाई

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