
टोक्यो से घर लौटी महिला खिलाड़ी पर टूटा दुखों का पहाड़, घुटने पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगी
Zee News
भारतीय एथलीट सुभा वेंकटेशन और धनलक्ष्मी सेकर (Dhanalakshmi Sekar) भी टोक्यो ओलंपिक से घर आ गई हैं. वह तमिलनाडु के तिरूचि पहुंची. जहां दोनों का जबरदस्त अंदाज में स्वागत किया गया. लेकिन ...
नई दिल्ली: यूं तो टोक्यो ओलंपिक्स 2020 (Tokyo Olympics 2020) के भारत के सफर को लेकर हर हिंदुस्तानी खुश है. इस बार भारत ने ओलंपिक्स में अपना लोहा मनवाया है. लेकिन ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा रही धनलक्ष्मी सेकर (Dhanalakshmi Sekar) जब टोक्यो वापस लोटीं तो उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया. भारतीय एथलीट सुभा वेंकटेशन और धनलक्ष्मी सेकर (Dhanalakshmi Sekar) भी टोक्यो ओलंपिक से घर आ गई हैं. वह तमिलनाडु के तिरूचि पहुंची. जहां दोनों का जबरदस्त अंदाज में स्वागत किया गया. लेकिन इस बीच धनलक्ष्मी सेकर को एक ऐसी खबर मिली जिससे वो बुरी तरह टूट गईं और जमीन घुटनों के बल बैठकर फूट-फूटकर रोने लगीं.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

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Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










